Udham Singh Nagar News: पुलिस ने किया खुलासा, लूट के लिए हुई थी अलका जौहरी की हत्या, तांत्रिक गिरफ्तार
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उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में अलका जौहरी की हत्या नकदी और जेवरात हड़पने के लिए की गई थी। कुंडा थाना पुलिस ने मामले का खुलासा कर आरोपी तांत्रिक जोगेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर 18 तोले सोने के जेवर, 28 हजार रुपये और वारदात में प्रयुक्त स्कूटी बरामद की है।
हत्या का खुलासा करते हुए एएसपी राजेश भट्ट ने बताया कि वैशाली कॉलोनी निवासी अलका जौहरी का शव 17 जनवरी को मिस्सरवाला की पुलिया के पास मिला था। उसके भाई अनुज ने शव की शिनाख्त कर मुरादाबाद थाना मझौला के ग्राम मझौली निवासी जोगेंद्र सिंह के खिलाफ शक के आधार पर केस दर्ज कराया था। 15 जनवरी को अलका मुरादाबाद जाने की बात कहकर घर से निकली थी। उसके पास 50 हजार रुपये, लॉकर की चाभियां, बीमे से संबंधित कागज, एटीमएम कार्ड थे।
उसके निकलने के बाद से घर के लॉकर में रखे 50 तोले सोने के जेवर और हीरे के 21 छोटे नग भी गायब थे। सीसीटीवी फुटेज में सामने आया कि एमपी चौक और जसपुर रोड पर अलका और जोगेंद्र स्कूटी पर एक साथ थे। 16 जनवरी की रात जोगेंद्र स्कूटी से अकेले मल्होत्रा फार्म स्थित अपने मौसेरे भाई के घर की ओर आता दिखा।
पुलिस ने जोगेंद्र को गिरफ्तार कर सोने के जेवर और नकदी बरामद कर ली। खुलासा करने वाली टीम को एएसपी राजेश भट्ट ने 11 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। टीम में कुंडा थाना प्रभारी विनोद फर्त्याल, मंडी चौकी प्रभारी विजेंद्र सिंह, एसआई सुप्रिया नेगी, एसआई महेश चंद्र, विनय मित्तल, अवधेश, कुलदीप, राजेंद्र, जमशेद, कैलाश शामिल थे।
अलका को घर भेजना चाहता था जोगेंद्र
अलका ने अपने घर पर तो मुरादाबाद जाने की बात कही थी लेकिन वह दो दिन तक जोगेंद्र के साथ काशीपुर और आसपास के क्षेत्रों में ही थी। जोगेंद्र उसे लेकर केलाखेड़ा, बन्नाखेड़ा और बैलपड़ाव भी गया। नकदी और जेवर लेकर वह अलका को घर भेजना चाहता था लेकिन घर लौटने को राजी नहीं थी। माल हड़पने की नीयत से जोगेंद्र ने पुलिया के पास स्कूटी रोकी और मुंह दबाकर अलका की हत्या कर शव नीचे फेंक दिया।
अलका ने बैंक से लिया था गोल्ड लोन
जोगेंद्र से पुलिस को मात्र 18 तोला सोना मिला है जबकि अलका के परिजन 50 तोले से अधिक सोना ले जाने की बात कह रहे हैं। जांच में सामने आया कि अलका ने चार तोले वजन की सोने की चूड़ियां आईसीआईसीआई बैंक रामपुर में गिरवी रखकर लोन लिया था। वहीं, पुलिस को हीरे के 21 नग, तीन खातों के एटीएम कार्ड, बीमा पॉलिसी, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद नहीं हो सके। आरोपी ने उक्त सामान कुंडा क्षेत्र के एक नाले में फेंकने की बात कही। नाले की खोजबीन में भी पुलिस को कुछ नहीं मिला। शेष बरामदगी के लिए पुलिस आरोपी को रिमांड पर ले सकती है।
कई जिलों में फैला था जोगेंद्र का नेटवर्क
जोगेंद्र इलाज के बहाने लोगों को सम्मोहित कर उनसे मोटी रकम ऐंठता था। मुरादाबाद, बिजनौर, ऊधमसिंह नगर, रामपुर, संभल तक उसका जाल फैला था। ऊपरी साये, वशीकरण आदि से पीड़ित लोगों के इलाज को उसने कुंडेश्वरी के भीमनगर, डिलारी के ग्राम अमविया और कुंडा के ग्राम किलावली में ठिकाने बनाए थे। उसका गुरु किलावली में रहता है। बड़ा संकट होने पर वह मरीजों को कई तीर्थों में भी ले जाता था। वह अब तक सैकड़ों लोगों को ठग चुका है। ठगी का खुलासा होने पर ही उसने अलका का मकान छोड़ा। श्यामपुरम के लोगों ने भी उसके खिलाफ आईटीआई थाने में तहरीर सौंपी थी।