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दो लाख कर्मचारियों ने किया काम करने से मना
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 14 Oct 2013 11:17 AM IST
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देहरादून में कई दिनों से कार्य बहिष्कार कर रहे विभिन्न सरकारी विभागों के लगभग दो लाख कर्मचारी सोमवार और मंगलवार को पूरे दिन कामकाज नहीं करेंगे।
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अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जाएंगे
इन कर्मचारियों का कहना है कि यदि शासन दो दिन में उनकी मांगों पर जीओ नहीं जारी करेगा तो वे अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान जनता को होने वाली परेशानियों के लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार होगी।
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कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार पर जाने से सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहेगा। शासन ने बीते शुक्रवार को कर्मचारी संयुक्त परिषद की सात मांगों पर सहमति जताते हुए शासनादेश जारी किया था। लेकिन कर्मचारी सभी मांगों पर शासनादेश की मांग कर रहे हैं।
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सभी मांगों को शामिल नहीं किया
परिषद के प्रांतीय प्रवक्ता अरुण पांडे के अनुसार शासन के साथ हुई बैठक में कई बिंदुओं पर सहमति हुई थी, लेकिन बैठक के कार्यवृत्त में सभी मांगों को शामिल नहीं किया गया।
बताया कि सोमवार और मंगलवार के कार्य बहिष्कार के बाद भी मांगों पर अमल नहीं हुआ तो 17 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो जाएगी।
इन मांगों पर अड़े कर्मचारी
-प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को उसके पूरे सेवाकाल में तीन पदोन्नति अनिवार्य रूप से मिले। जिन विभागों में पदोन्नति नहीं हो पाती वहां पर एसीपी के तहत तीन पदोन्नति ग्रेड पे मिले।
-समस्त कर्मचारियों को जिनका ग्रेड 2800 है उनका ग्रेड 4200 किया जाए। जितने वर्दीधारी कर्मचारी हैं, जैसे आरटीओ, वन विभाग और आबकारी विभाग के लोगों को न्यूनतम ग्रेड पे 2400 किया जाए। जिन कर्मचारियों की शैक्षिक योग्यता इंटर मीडिएट की गई है उनका भी ग्रेड पे 2400 किया जाए।
-प्रदेश के समस्त सरकारी कर्मचारियों की वेतन विसंगति 15 दिनों में दूर की जाए।
शासन से सभी मांगों पर सहमति बन गई है लेकिन समझौतों पर अमल नहीं होने की वजह से कर्मचारियों में असमंजस है। जब तक शासनादेश नहीं जारी हो जाता तब तक पूरे प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहेगी।
- ठाकुर प्रह्लाद सिंह, प्रदेश अध्यक्ष
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