Twin City: देहरादून में आर्केडिया चाय बागान की 719 हेक्टेयर जमीन पर बनेगी ट्विन सिटी, सरकार देगी सभी सुविधा
राजधानी में बढ़ते आबादी के बोझ को देखते हुए सरकार लगातार नए शहर बसाने पर काम कर रही है। इसके तहत देहरादून के डोईवाला और सहसपुर के छरबा में दो स्थान चिह्नित किए गए हैं
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देहरादून के आर्केडिया चाय बागान में सरकार ट्विन सिटी बनाने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए पहले चरण का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। चाय बागान की 719.7 हेक्टेयर जमीन को इसके लिए चुना गया है।
राजधानी में बढ़ते आबादी के बोझ को देखते हुए सरकार लगातार नए शहर बसाने पर काम कर रही है। इसके तहत देहरादून के डोईवाला और सहसपुर के छरबा में दो स्थान चिह्नित किए गए हैं। इसी कड़ी में आर्केडिया स्थित चाय बागान को भी नया शहर बसाने के लिए चुना गया है। जानकारी के मुताबिक आर्केडिया में सरकार ने न्यू देहरादून ट्विन सिटी बनाने की योजना के तहत यूएस की एजेंसी मैकेंजी के माध्यम से सर्वेक्षण कराया है।
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यहां नए शहर की जरूरतों के हिसाब से सरकार ने संभावनाओं की तलाश की है। प्रथम चरण के सर्वे में काफी हद तक सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। अब आगामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिसके बाद निजी सहभागिता से यहां ट्विन सिटी बनाई जाएगी।
सरकार देगी सभी सुविधाएं
जिस जमीन पर निजी सहभागिता से ट्विन सिटी बनेगी, वहां सरकार सभी सुविधाएं देगी। एक अत्याधुनिक शहर के हिसाब से यहां सड़क, बिजली, पानी से लेकर सभी जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर सरकार उपलब्ध कराएगी। निजी निवेशक यहां टाउनशिप विकसित करेंगे, जिसकी बिक्री का एक हिस्सा सरकार के खाते में जाएगा।
शिक्षा, स्वास्थ्य की भी सुविधाएं मिलेंगी
ट्विन सिटी में अत्याधुनिक अस्पताल, स्कूल, कॉलेज से लेकर पार्क, जॉगिंग ट्रैक, साइक्लिंग ट्रैक आदि की सुविधा भी मिलेंगी। सरकार एक पूरा ऐसा शहर बसा रही है, जिससे लोगों का आकर्षण यहां बने। वह जमीन खरीदें। घर बनाएं। अपना बिजनेस करें। इससे रोजगार भी मिलेंगे।
2016 में चाय बागान की जमीन पर हुआ था विवाद
वर्ष 2016 में तत्कालीन राज्य सरकार ने स्मार्ट सिटी के लिए चाय बागान की जमीन का विकल्प दिया था। ग्रीन फील्ड सिटी के तौर पर यहां स्मार्ट सिटी विकसित करने की सरकार की योजना पर भारी विरोध हुआ था। पर्यावरणविदों से लेकर तमाम सामाजिक संगठनों ने इस पर विरोध जताया था। उनका कहना था कि यहां नया शहर बसाने से हरियाली नष्ट हो जाएगी। यह चाय बागान देहरादून की पहचान हैं। चाय बागान मजदूरों के हितों और बागान की जमीन के संबंध में तमाम तरह के सवाल उठाए गए थे। बड़ी संख्या में विरोध-प्रदर्शन हुए थे। हालांकि, सरकार ने ग्रीन फील्ड का प्रस्ताव जमा करवाया, लेकिन केंद्र ने ग्रीन फील्ड में स्मार्ट सिटी के राज्य सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। बाद में देहरादून समेत 23 शहरों को संशोधित प्रोजेक्ट जमा करने का अतिरिक्त मौका दिया गया था।