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परेशानी : गहरी और खारसी में नहीं पेयजल की सुविधा
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ग्रामसभा गहरी और खारसी की हरिजन बस्ती में हैंडपंप पर पानी भरतीं महिलाएं।
- फोटो : VIKAS NAGAR
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ग्राम सभा गहरी और खारसी की हरिजन बस्ती थाथा खेड़े में पेयजल सुविधा नहीं होने से सैकड़ों ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर दोनों जगह के लिए पाइप लाइन निर्माण की मांग की है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम सभा गेहरी और उसके समीप बसे खारसी ग्रामसभा के खेड़ा थाथा में लगभग 44 परिवार निवास करते हैं, लेकिन आज तक इन दोनों जगह के लिए पेयजल लाइन का निर्माण नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि न तो सरकार और न ही किसी ग्रामप्रधान ने इस ओर ध्यान दिया है। ग्रामीणों को आधा किलोमीटर दूर स्थित प्रकृतिक स्रोत या फिर एक हैंडपंप से पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ रही है। पाइप लाइन न होने के कारण लोगों को रोजाना लाइनों में लग कर और सिर पर ढोकर पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ती है। पूर्व में भी सरकार को कई बार इस बारे में लिखा जा चुका है, लेकिन आज तक इस मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है।
गेहरी गांव में 36 परिवार और थाथा में आठ परिवार की 300 से अधिक की आबादी निवास करती है, लेकिन इन लोगों को पेयजल की सुविधा न होने के कारण रोजाना घंटों पेयजल की व्यवस्था में लगाने पड़ते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के समय उन्हें दूषित पानी पीना पड़ता है। साथ ही अब हो रही अत्यधिक सर्दी में भी सुबह शाम पानी के लिए दौड़ लगानी पड़ती है। ज्ञापन में जयपाल पंवार, जहार सिंह, नारायण सिंह, डेडिया दास, टेमिया दास, गोपाल, रविदास, अमर, कुंदन आदि के हस्ताक्षर हैं।
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ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम सभा गेहरी और उसके समीप बसे खारसी ग्रामसभा के खेड़ा थाथा में लगभग 44 परिवार निवास करते हैं, लेकिन आज तक इन दोनों जगह के लिए पेयजल लाइन का निर्माण नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि न तो सरकार और न ही किसी ग्रामप्रधान ने इस ओर ध्यान दिया है। ग्रामीणों को आधा किलोमीटर दूर स्थित प्रकृतिक स्रोत या फिर एक हैंडपंप से पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ रही है। पाइप लाइन न होने के कारण लोगों को रोजाना लाइनों में लग कर और सिर पर ढोकर पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ती है। पूर्व में भी सरकार को कई बार इस बारे में लिखा जा चुका है, लेकिन आज तक इस मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है।
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गेहरी गांव में 36 परिवार और थाथा में आठ परिवार की 300 से अधिक की आबादी निवास करती है, लेकिन इन लोगों को पेयजल की सुविधा न होने के कारण रोजाना घंटों पेयजल की व्यवस्था में लगाने पड़ते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के समय उन्हें दूषित पानी पीना पड़ता है। साथ ही अब हो रही अत्यधिक सर्दी में भी सुबह शाम पानी के लिए दौड़ लगानी पड़ती है। ज्ञापन में जयपाल पंवार, जहार सिंह, नारायण सिंह, डेडिया दास, टेमिया दास, गोपाल, रविदास, अमर, कुंदन आदि के हस्ताक्षर हैं।
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