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Kedarnath: महापंथ में सेना के दो हेलीकॉप्टर ने किया रेस्क्यू, 22 दिन बाद निकाला बर्फ में दबा हुआ ट्रैकर का शव

Wed, 02 Nov 2022 04:35 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग।
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग। Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 02 Nov 2022 04:35 PM IST
सार

बीते दो अक्तूबर को रांसी गांव से दस सदस्यीय ट्रेकिंग दल रांसी-मनणी-केदारनाथ रूट पर ट्रैकिंग के लिए निकला था। आठ अक्तूबर की सुबह जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय को सूचना मिली कि रांसी-मनणी-केदारनाथ रूट पर दो ट्रैकर फंसे हैं जिसमें से एक की तबीयत खराब है।

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Trekker body buried in snow Mahapanth on Ransi-Manani-Kedarnath Search continues by helicopter Uttarakhand
ट्रैकर की हेलिकॉप्टर से की गई रेकी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रांसी-मनणी-केदारनाथ पैदल ट्रेक पर महापंथ से ट्रैकर आलोक विश्वास (33) का शव वायुसेना के हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू कर चारधाम हेलीपैड गुप्तकाशी लाया गया है। आलोक के परिजन बृहस्पतिवार तक पहुंच जाएंगे। ट्रैकर की बीते आठ अक्तूबर को अत्यधिक थकान व ठंड के कारण मौत हो गई थी।

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बुधवार को सुबह करीब सात बजे जोशीमठ से भारतीय वायु सेना के दो हेलीकॉप्टर चारधाम हेलीपैड गुप्तकाशी पहुंचे। यहां पर जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने टीम को ट्रेक के हालातों की जानकारी दी। इसके बाद दो हेलीकॉप्टर में रेस्क्यू टीम ट्रेक के लिए रवाना हुई। मौसम साफ होने के कारण हेलीकॉप्टर को लैंड करने में दिक्कत नहीं हुई और टीम महापंथ ट्रेक से शव को लेकर करीब 9:30 बजे चारधाम हेलीपैड लौट आए। हेलीपैड से शव को जिला चिकित्सालय लाया गया। 
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जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि बीते मंगलवार को सरसावा, उत्तर प्रदेश से भारतीय सेना के दो हेलिकॉप्टर जोशीमठ पहुंच गए थे। रेस्क्यू टीम में भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर टीडी शर्मा, विंग कमांडर दीपिका राव, फ्लाइंग लेफ्टिनेंट हिमालय सिंह, स्क्वॉडन लीडर जे. कौर, एएम शाह, एसके सिंह, अंकित यादव, एसडीआरएफ के रवि चौहान, वीरेंद्र काला, दीपक पंत, महेश, रमेश रावत, प्रवीण राठी, प्रवीण चौहान, योगेश रावत, डीडीआरएफ के सुनील सिंह राणा, राहुल कुमार, नरेंद्र सिंह, अनिल सेमवाल और गजपाल आदि शामिल थे। इधर, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने रेस्क्यू दल को बधाई दी है। 

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दो अक्तूबर को रांसी से रवाना हुआ था दस सदस्यीय ट्रेकिंग दल 
आलोक विश्वास निवासी सगूना नाडिया, पश्चिम बंगाल अपने अन्य नौ साथियों के साथ बीते दो अक्तूबर को रांसी-मनणी-केदारनाथ ट्रेकिंग रूट पर रांसी से रवाना हुआ था। अत्यधिक थकान के कारण वह अपने अन्य साथी विक्रम मजूमदार के साथ महापंथ में ही रुक गया था जबकि अन्य आठ लोग उसी रात केदारनाथ पहुंच गए थे।

नौ अक्तूबर को जिला आपदा परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग को सूचना मिली कि रांसी-मनणी-केदारनाथ ट्रेकिंग रूट पर महापंथ ग्लेशियर में दो ट्रेकर फंसे हैं। इसके बाद जिला आपदा प्रबंधन विभाग के सहयोग से एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ के जवान स्थानीय पोर्टर व गाइड के साथ मौके के लिए रवाना हुए लेकिन खराब मौसम के कारण रेस्क्यू नहीं हो पाया।

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10 अक्तूबर को रेस्क्यू दल मौके पर पहुंचा तो पाया कि ट्रेकर आलोक की मौत हो चुकी है जबकि विक्रम मजूमदार का स्वास्थ्य भी खराब है। टीम ने आलोक के शव को वहीं प्लास्टिक से ढक दिया और विक्रम को केदारनाथ पहुंचाया और विवेकानंद चिकित्सालय में भर्ती कराया। 

 

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