फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Transport Authority Meeting Decision on model range of vehicles is pending agreement on aggregator license

Uttarakhand: वाहनों की मॉडल सीमा का फैसला एसटीए ने लटकाया, रैपिडो समेत चार को एग्रीगेटर लाइसेंस पर रजामंदी

Wed, 02 Oct 2024 11:22 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 02 Oct 2024 11:22 AM IST
सार

एसटीए की बैठक में दो मामलों पर परिवहन कारोबारियों का विरोध देखने को मिला। पहला मामला वाहनों की मॉडल सीमा यानी परमिट की निर्धारित अवधि पूरी करने के बाद उस मार्ग से वाहन हटाने की सीमा को लेकर रखा गया।

विज्ञापन
Transport Authority Meeting Decision on model range of vehicles is pending agreement on aggregator license
मीटिंग ( फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में वाहनों की मॉडल सीमा का फैसला फिलहाल राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) ने लटका दिया है। इसके लिए गठित समिति को कुछ बिंदुओं पर स्थित स्पष्ट करने को कहा गया है। वहीं, रैपिडो सहित पांच को एग्रीगेटर लाइसेंस देने पर सहमति बन गई है। दोनों ही बिंदुओं पर परिवहन कारोबारियों ने विरोध जताया था।

विज्ञापन

मंगलवार को परिवहन मुख्यालय में परिवहन आयुक्त एवं सचिव बृजेश कुमार संत की अध्यक्षता में एसटीए की बैठक हुई, जिसमें दो मामलों पर परिवहन कारोबारियों का विरोध देखने को मिला। पहला मामला वाहनों की मॉडल सीमा यानी परमिट की निर्धारित अवधि पूरी करने के बाद उस मार्ग से वाहन हटाने की सीमा को लेकर रखा गया।

विज्ञापन

इसके लिए पिछले साल एसटीए ने उप परिवहन आयुक्त दिनेश चंद्र पठोई की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की थी, जिसकी रिपोर्ट एसटीए बैठक में रखी गई। समिति ने सिफारिश की कि पर्वतीय मार्गों पर वाहनों की मॉडल सीमा 15 वर्ष और मैदानी इलाकों में 18 वर्ष करने की सिफारिश की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश
ये भी सिफारिश थी कि पर्वतीय मार्गों पर टैक्सी, मैक्सी कैब की मॉडल सीमा 12 वर्ष पूरी होने के बाद छह-छह माह का स्वस्थता प्रमाणपत्र तीन साल तक दिया जा सकता है। इस पर परिवहन कारोबारियों ने सख्त आपत्ति जताई। परिवहन आयुक्त बृजेश कुमार संत ने समिति की रिपोर्ट के कुछ बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए। फिलहाल मॉडल सीमा का मामला लटक गया है। 

ये भी पढ़ें...Chamoli: 56 साल बाद सैनिक की पार्थिव देह पहुंचेगी गांव, बर्फ में था शव सुरक्षित, कई साल राह देखते रहीं पत्नी

रैपिडो समेत चार को एग्रीगेटर लाइसेंस पर सहमति

हल्द्वानी के दीप चंद्र पांडे ने 200 एंबुलेंस, 500 तिपहिया वाहनों के एग्रीगेटर लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। इसी प्रकार दोपहिया सेवा देने वाली रैपिडो, रूपकुंड पर्यटन विकास समिति, ऋषिकेश के वेदांश पांडे ने भी लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। परिवहन कारोबारियों ने इसका विरोध किया। मसूरी की यूनियन के सुंदर सिंह पंवार ने इसे टैक्सी चालकों के हितों पर हमला करार दिया। देहरादून महानगर सिटी बस सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने भी विरोध जताया। एसटीए का तर्क था कि बाजार में होने वाली प्रतिस्पर्धा उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी है। लिहाजा, इनके लाइसेंस को हरी झंडी दी गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed