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Chamoli: 56 साल बाद सैनिक की पार्थिव देह पहुंचेगी गांव, बर्फ में था शव सुरक्षित, कई साल राह देखते रहीं पत्नी

Wed, 02 Oct 2024 08:45 AM IST
रेनू सकलानी रमेश चंद्र जोशी, संवाद न्यूज एजेंसी, थराली
रमेश चंद्र जोशी, संवाद न्यूज एजेंसी, थराली Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 02 Oct 2024 08:45 AM IST
सार

उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली के कोलपुड़ी गांव निवासी सैनिक नारायण सिंह रोहतांग विमान हादसे में लापता हो गए थे। सेना के अधिकारियों बताया कि बर्फ में शव सुरक्षित था, लेकिन बर्फ से बाहर निकालने के बाद शव गलने लगा है, जिससे उसे सुरक्षित किया जा रहा है।

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Chamoli News: After 56 years soldier body will reach his village Tharali went missing in Rohtang plane crash
सैनिक नारायण सिंह की पत्नी और भतीजे - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

चमोली जिले के थराली तहसील के गांव कोलपुड़ी के लापता सैनिक की पार्थिव देह 56 साल बाद अपने गांव पहुंचेगी। गांव के नारायण सिंह वर्ष 1968 में हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रे में वायुसेना के एएन-12 विमान दुर्घटनाग्रस्त होने पर लापता हो गए थे। 56 साल बाद जिन चार सैनिकों के अवशेष मिले हैं उनमें एक कोलपुड़ी गांव के नारायण सिंह का शव भी शामिल है।



कोलपुड़ी गांव के प्रधान और नारायण सिंह के भतीजे जयवीर सिंह ने बताया कि सोमवार को सेना के अधिकारियों ने सूचना दी उनकी पहचान हो जाने की सूचना दी। उन्होंने बताया कि जेब में मिले पर्स में एक कागज में नारायण सिंह ग्राम कोलपुड़ी और बसंती देवी नाम दर्ज था। साथ ही उनकी वर्दी के नेम प्लेट पर भी उनका नाम लिखा था।
 

Chamoli News: After 56 years soldier body will reach his village Tharali went missing in Rohtang plane crash
बसंती देवी नारायण सिंह की पत्नी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

सेना के अधिकारियों ने जयवीर सिंह को बताया कि बर्फ में शव सुरक्षित था, लेकिन बर्फ से बाहर निकालने के बाद शव गलने लगा है, जिससे उसे सुरक्षित किया जा रहा है। साथ ही उनका डीएनए सैंपल लिया जा रहा है।

Chamoli News: After 56 years soldier body will reach his village Tharali went missing in Rohtang plane crash
सैनिक नारायण सिंह के भतीजे - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

उन्होंने बताया कि रिकार्ड के अनुसार नारायण सिंह सेना के मेडिकल कोर में तैनात थे। उनका पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार तक गांव पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

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Chamoli News: After 56 years soldier body will reach his village Tharali went missing in Rohtang plane crash
कोलपुड़ी गांव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

42 साल राह देखते रहीं पत्नी

पुरानी यादों में खोये जयवीर सिंह बोले कि माता बसंती देवी ने बताया था कि पति नारायण सिंह सेना में तैनात थे। वह साल में एक बार घर आते थे, अक्सर पत्रों से ही हाल पता लगता था। एक बार एक टेलीग्राम आया जिसमें अंग्रेजी में विमान के लापता होने और उसमें नारायण सिंह के लापता होने की बात लिखी थी। उसके बाद परिवारीजन इंतजार करते रहे लेकिन कोई खबर नहीं आई। मां जब तक जिंदा थी नारायण सिंह का इंतजार करती रहीं। वर्ष 2011 में बसंती देवी की मृत्यु हो गई।

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कोलपुड़ी गांव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

सौम्य स्वभाव के थे नारायण सिंह

नारायण सिंह के साथी रहे कोलपुड़ी के सूबेदार गोविंद सिंह, सूबेदार हीरा सिंह बिष्ट और भवान सिंह नेगी बताते हैं कि नारायण सिंह बहुत सौम्य स्वभाव के थे। बचपन से ही सेना के प्रति उनका जुनून था। 1965 के भारत-पाक युद्ध में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे एएमसी में नियुक्त थे।


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