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कालसी-चकराता मार्ग खुलने पर चकराता पहुंचे पर्यटक
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कोरूवा के पास बनी जाम की स्थिति।
- फोटो : VIKAS NAGAR
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भारी बर्फबारी के बीच कोरूवा के पास बंद हुए कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर शुक्रवार को यातायात बहाल कर दिया गया। जिसके बाद बड़ी संख्या में पर्यटक बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए चकराता और आसपास की पहाड़ियों पर पहुंचे। पर्यटकों के उमड़ने के कारण चकराता छावनी बाजार से लेकर कोरूवा तक जाम के कारण वाहन रेंगते नजर आए। यातायात बहाल करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
शाम तक पर्यटक बर्फबारी में धमाल मचाते नजर आए। पर्यटकों को देख दुकानदारों और होटल व्यवसायियों के चेहरे भी खिले नजर आए। उधर, कालसी-बैराटखाई, चकराता-त्यूनी, चकराता-मसूरी संपर्क मार्ग पर अब भी कई फीट बर्फ की मोटी परत जमी है। जिस कारण इन सड़कों पर भी वाहनों की आवाजाही बहाल नहीं हो सकी। यातायात बहाल न होने से भरम खत के छह से अधिक गांव की आबादी अब भी पूरी तरह से बर्फ केे आगोश में कैद है। भारी मात्रा में बर्फ जमी होने के कारण यहां अब भी लोगों को प्यास बुझाने के लिए बर्फ को पिलघाना पड़ रहा है। शुक्रवार को चकराता का अधिकतम तापमान आठ डिग्री और न्यूनतम -02 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। लोनिवि एनएच डोईवाला के अधिशासी अभियंता ओपी सिंह ने बताया कि बर्फ को हटाने का का लगातार जारी है। जल्द ही सड़कों पर यातायात बहाल कर दिया जाएगा।
अब भी कई गांव में अंधेरा
चकराता। भारी बर्फबारी के बीच भरम क्षेत्र के कई गांव में ठप हुई बिजली आपूर्ति शुक्रवार को भी बहाल नहीं हो सकी। अब भी क्षेत्र के गांव में अंधेरा पसरा हुआ है। शाम ढलते ही सभी गांव अंधेरे के आगोश में समा जाते हैं। बिजली उपकरण शोपीस बने हुए हैं। लोग अपने मोबाइल फोन को भी चार्ज नहीं कर पा रहे हैं। शुक्रवार को महल लोहारी गांव के आठ से दस घर ही बिजली से रोशन हो पाए। अन्य 60 परिवारों के घर में अ अब भी अंधेरा पसरा है। बीडीसी मेम्बर रमेश चौहान, धूम सिंह चौहान, मोहन सिहं चौहान, शेर सिंह चौहान, धनदास आदि का कहना है कि बिजली न होने से लोगों को परेशानियां हो रही हैं।
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शाम तक पर्यटक बर्फबारी में धमाल मचाते नजर आए। पर्यटकों को देख दुकानदारों और होटल व्यवसायियों के चेहरे भी खिले नजर आए। उधर, कालसी-बैराटखाई, चकराता-त्यूनी, चकराता-मसूरी संपर्क मार्ग पर अब भी कई फीट बर्फ की मोटी परत जमी है। जिस कारण इन सड़कों पर भी वाहनों की आवाजाही बहाल नहीं हो सकी। यातायात बहाल न होने से भरम खत के छह से अधिक गांव की आबादी अब भी पूरी तरह से बर्फ केे आगोश में कैद है। भारी मात्रा में बर्फ जमी होने के कारण यहां अब भी लोगों को प्यास बुझाने के लिए बर्फ को पिलघाना पड़ रहा है। शुक्रवार को चकराता का अधिकतम तापमान आठ डिग्री और न्यूनतम -02 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। लोनिवि एनएच डोईवाला के अधिशासी अभियंता ओपी सिंह ने बताया कि बर्फ को हटाने का का लगातार जारी है। जल्द ही सड़कों पर यातायात बहाल कर दिया जाएगा।
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अब भी कई गांव में अंधेरा
चकराता। भारी बर्फबारी के बीच भरम क्षेत्र के कई गांव में ठप हुई बिजली आपूर्ति शुक्रवार को भी बहाल नहीं हो सकी। अब भी क्षेत्र के गांव में अंधेरा पसरा हुआ है। शाम ढलते ही सभी गांव अंधेरे के आगोश में समा जाते हैं। बिजली उपकरण शोपीस बने हुए हैं। लोग अपने मोबाइल फोन को भी चार्ज नहीं कर पा रहे हैं। शुक्रवार को महल लोहारी गांव के आठ से दस घर ही बिजली से रोशन हो पाए। अन्य 60 परिवारों के घर में अ अब भी अंधेरा पसरा है। बीडीसी मेम्बर रमेश चौहान, धूम सिंह चौहान, मोहन सिहं चौहान, शेर सिंह चौहान, धनदास आदि का कहना है कि बिजली न होने से लोगों को परेशानियां हो रही हैं।
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