सत्ता की भूखी है बीजेपीः राहुल गांधी
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परेड ग्राउंड में आयोजित रैली में राहुल गांधी ने अपने संबोधन में सबसे पहले उत्तराखंड के लोगों को धन्यवाद अदा किया। उन्होंने कहा कि जून में आई आपदा से उत्तराखंड के साथ ही पूरे देश को झटका लगा।
उन्होंने कहा कि उस वक्त मैं उत्तराखंड आया और इस महाप्रलय को करीब से देखा। लेकिन मैंने देखा कि इस आपदा के समय देश के साथ उत्तराखंड के सभी लोग एक साथ थे। उत्तराखंड को इस आपदा से उबारने में सेना का पूरा हाथ था।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ा कदम
अपने संबोधन में राहुल ने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी भ्रष्टाचार की बात करती हैं। लेकिन आरटीआई लाकर कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ा कदम उठाया है।
राहुल ने कहा कि बीजेपी सत्ता की भूखी है और उसके लिए कुछ भी कर सकती है। उन्होंने कहा कि गुजरात में आरटीआई लागू नहीं है। गुजरात के विकास के लिए नरेद्र मोदी खुद को जिम्मेदार बताते हैं, लेकिन गुजरात को महिलाओं ने खड़ा किया है।
लोगों का अभिवादन किया
इससे पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में पहुंचे। उनके साथ अंबिका सोनी व हरीश रावत भी साथ में मौजूद रहे। राहुल गांधी को सुनने के लिए ग्राउंड में भारी संख्या में लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है।
मंच से मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने संबोधन में राहुल गांधी को 21वीं सदी में भारत का भविष्य बताया और उत्तराखंड आने के लिए उनका धन्यवाद किया। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री बहुगुणा, कैबिनेट मिनिस्टर इंदिरा हृदयेश व सतपाल महाराज ने मंच से लोगों का अभिवादन किया।
सतपाल महाराज ने राहुल का गुणगान करते हुए कहा कि राहुल इतिहास रचने वाले युवा नेता हैं। उनके छूने के बाद नौ सिलेंडर 12 हो गए। उन्होंने कहा कि कर्ज माफ करने के बाद किसान राहुल के आभारी हो गए है। इस दौरान सतपाल महाराज ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह 18 घंटे काम करते हैं।
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राहुल रविवार सुबह 10:20 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से हेलीकॉप्टर से सहस्त्रधारा और और फिर सड़क मार्ग से होटल अकेता पहुंचे। राहुल के साथ प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी व अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
आपदा के बाद पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने यहां पहुंचने के बाद होटल अकेता में केदारघाटी और अन्य जिलों में आपदा के बाद पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की।
सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर
राहुल गांधी की रैली के दौरान होने वाली हर हलचल पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर रहेगी।
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चारों ओर वर्दीधारी सुरक्षाकर्मियों का घेरा होगा तो रैली में मौजूद भीड़ के बीच आम आदमी और कार्यकर्ताओं के वेश में खुफिया नजरें चौकसी करेंगी। शनिवार को पुलिस अधिकारी और दिल्ली से पहुंचे एसपीजी अधिकारी पूरे दिन सुरक्षा व्यवस्था पर मंथन करते रहे।
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सुबह पुलिस लाइन में रैली की ड्यूटी के लिए आए करीब पांच सौ जवानों और पुलिस अधिकारियों को रणनीति के बारे में बताया गया। उसके बाद एसएसपी अजय रौतेला ने एसपीजी अधिकारियों के साथ परेड ग्राउंड और अकेता होटल की सुरक्षा जांची।
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परेड ग्राउंड आने वाले हर शख्स को एसपीजी और अस्थायी चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों ने तलाशी और पूछताछ के बाद ही अंदर जाने दिया। सूत्रों के अनुसार रैली के दौरान खुफिया विभाग के 80 से अधिक कर्मचारी कार्यकर्ताओं और आम आदमी के
वेश में भीड़ में तैनात रहेंगे। यह कर्मी संदिग्धों पर नजर रखने के अलावा राहुल के भाषण के बारे में भीड़ का फीडबैक लेंगे।
फ्लीट ने किया रिहर्सल
पुलिस ने दोपहर एक बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट से डोईवाला, मोहकमपुर, जोगीवाला, सहस्त्रधारा हैलीपैड, मसूरी बाइपास होकर राजपुर रोड, अकेता होटल और परेड ग्राउंड तक राहुल की फ्लीट का रिहर्सल किया।
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राहुल गांधी जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर विशेष विमान से उतरकर हेलीकाप्टर से सहस्त्रधारा हेलीपैड पहुंचेंगे। इसके बाद सड़क मार्ग से अकेता होटल और फिर परेड ग्राउंड पहुंचेंगे।
तो सड़क मार्ग से आएंगे
मौसम में बदलाव हुआ तो जौलीग्रांट से राहुल गांधी सड़क मार्ग से दून आ सकते हैं। जौलीग्रांट से दून तक सड़क मार्ग पर भी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की है।
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रिहर्सल के बाद शाम को फिर से गढ़वाल रेंज के डीआईजी अमित सिन्हा ने सुरक्षा अधिकारियों को पुलिस लाइन में दिशा-निर्देश दिए।
नेताओं ने रटे आपदा के आंकड़े
कांग्रेस के मंत्रियों और नेताओं के चेहरों पर शनिवार को आपदा का खौफ साफ नजर आया। सारा दिन नेताओं ने आपदा के आंकड़े रटते हुए गुजारा ताकि रविवार को राहुल गांधी के सवालों के सटीक जवाब दे सकें।
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राहुल सबसे पहले आपदा के दौरान हुए कार्यों की समीक्षा करेंगे। इसी आधार पर मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड क्रॉस चेक होने की उम्मीद है। मंत्रियों और नेताओं का दिल यह सोचकर हौल रहा है कि राहुल गांधी पता नहीं क्या पूछें।
रैली का जिम्मा संभाल रहे कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री (प्रशासनिक) विजय सारस्वत ने बताया कि आपदा की समीक्षा बैठक में चुनिंदा लोग रहेंगे। इनमें मंत्रियों के अलावा कुछ वरिष्ठ नेता होंगे। बैठक में चारधाम यात्रा की तैयारी, सड़कों की हालत, पुनर्वास की रणनीति आदि के संबंध में राहुल पूछेंगे।
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नेताओं ने बताया कि मुख्यमंत्री हरीश रावत को भी इस मौके पर अपनी रणनीति बतानी है। आपदा की वजह से ही विजय बहुगुणा की कुर्सी गई थी। यह सोचकर मंत्रियों और नेताओं को पसीना आ रहा है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि मंत्रियों ने अपने विभाग के अधिकारियों से आंकड़े तैयार करा लिए थे। शनिवार को उसे जमकर रटा। यही नहीं, वरिष्ठ नेता आपदा प्रभावित जिलों के प्रभारियों से फोन करके भी जानकारी इकट्ठी करते रहे।
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इसी आधार पर संगठन में भी फेरबदल हो सकता है। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हाईकमान को सरकार के मंत्रियों के संबंध में जो फीड बैक दिया है, उसे राहुल क्रॉस चेक करेंगे।
राहुल का सुरक्षा घेरा और कड़ा हुआ
पिता राजीव गांधी के हत्यारों को छोड़े जाने पर दिए गए बयान के बाद राहुल गांधी की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। राहुल के बयान के बाद देहरादून में उनका पहला सार्वजनिक कार्यक्रम है।
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इस लिहाज से उनके आसपास का सुरक्षा घेरा और कड़ा होगा। इतना ही नहीं राहुल गांधी की सुरक्षा का जायजा लेने के लिए खुद एसपीजी डायरेक्टर भी देहरादून पहुंचे हैं। परेड ग्राउंड पर बने परंपरागत मंच से हटकर राहुल गांधी का मंच तैयार किया गया है।
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मंच को लेकर वास्तु और राजनैतिक कारण बताए जा रहे हैं लेकिन इसमें सुरक्षा सबसे अहम है। राहुल गांधी को मंच तक लाने के लिए पैदल अधिक दूरी नहीं तय करनी होगी।
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जिस दौरान उन्हें मंच पर लाया जाएगा उनके आसपास मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य के अलावा दो केंद्रीय नेता ही रहेंगे। मंच तक आने और लौटकर वापस जाने के दौरान सुरक्षा बंदोबस्त अधिक पुख्ता रहेंगे।