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भीषण सूखा से बचने के लिए वनों का महत्व समझना होगा : डॉ. अनिल जोशी
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IIशुक्लापुर हैस्कों में वनाग्नि सुरक्षा एवं क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता मुख्य अतिथि पद्मभूषण डाॅ. अनिल प्रकाश जोशी ने की। उन्होंने 2025 में भीषण सूखा पड़ने और तापमान बढ़ोतरी की आशंका व्यक्त की। साथ ही वनों के महत्व पर प्रकाश डाला।
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Iउन्होंने कहा कि बढ़ती वनाग्नि से मानव जाति के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। इससे बचने के लिए वन एवं जल संरक्षण बहुत जरूरी है। उप प्रभागीय वनाधिकारी अभिषेक मैठाणी ने कहा कि वन विभाग वनाग्नि सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। समाजसेवी अरुण भट्ट ने कहा कि वन है तो जीवन है। आशारोड़ी वन क्षेत्राधिकारी रवींद्र कुमार ने ग्लोबल वार्निंग और क्लाइमेंट चेंज से मानवजाति के भविष्य पर गहरा रहे संकट के प्रति आगाह किया। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता ओम सिंह, वन दरोगा सुनील भट्ट, अशोक कुमार आदि उपस्थित रहे।I
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IIशुक्लापुर हैस्कों में वनाग्नि सुरक्षा एवं क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता मुख्य अतिथि पद्मभूषण डाॅ. अनिल प्रकाश जोशी ने की। उन्होंने 2025 में भीषण सूखा पड़ने और तापमान बढ़ोतरी की आशंका व्यक्त की। साथ ही वनों के महत्व पर प्रकाश डाला।
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Iउन्होंने कहा कि बढ़ती वनाग्नि से मानव जाति के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। इससे बचने के लिए वन एवं जल संरक्षण बहुत जरूरी है। उप प्रभागीय वनाधिकारी अभिषेक मैठाणी ने कहा कि वन विभाग वनाग्नि सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। समाजसेवी अरुण भट्ट ने कहा कि वन है तो जीवन है। आशारोड़ी वन क्षेत्राधिकारी रवींद्र कुमार ने ग्लोबल वार्निंग और क्लाइमेंट चेंज से मानवजाति के भविष्य पर गहरा रहे संकट के प्रति आगाह किया। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता ओम सिंह, वन दरोगा सुनील भट्ट, अशोक कुमार आदि उपस्थित रहे।I
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