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Uttarakhand: बाघों की मृत्युदर को अप्रत्याशित नहीं मानता वन विभाग, देशभर में इस साल मरे सबसे ज्यादा बाघ

Wed, 15 Nov 2023 05:41 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 15 Nov 2023 05:41 PM IST
सार

प्रदेश में बाघों की लगातार मौत के मामले सामने आने पर सवाल उठ रहे है। चिंताजनक बात यह भी है कि प्रदेशभर में बाघों की 19 मौत में से अकेले आठ बाघों की मौत कॉर्बेट में ही हुई है। बीते चार वर्षों में 26 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। 

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Tigers death cases in Uttarakhand Forest department does not consider death rate of tigers as unexpected
बाघ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड में इस वर्ष नवंबर तक विभिन्न कारणों से 19 बाघों की मौत हो चुकी है। लेकिन, प्रदेश का वन महकमा मौत के इन आंकड़ों को अप्रत्याशित नहीं मानता है। राज्य के प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव और मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. समीर सिन्हा की मानें तो प्रदेश में बाघों की आबादी के हिसाब से यह मृत्यु दर 3.4 प्रतिशत है, जो अन्य राज्यों की तुलना में बेहद कम है।

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प्रदेश में बाघों की संख्या में विगत 16 वर्षों में तीन गुना से भी अधिक वृद्धि हुई है। पूरे विश्व में बाघों का सबसे अधिक घनत्व उत्तराखंड के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में अंकित किया गया है। लेकिन चिंताजनक बात यह भी है कि प्रदेशभर में बाघों की 19 मौत में से अकेले आठ बाघों की मौत कॉर्बेट में ही हुई है। बीते चार वर्षों में 26 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। चिंताजनक पहलू यह है कि बाघों की संख्या बढ़ने के साथ इनकी मौत के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं।

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मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. सिन्हा के अनुसार प्रदेश में बाघों की अगर अधिक मौत हो रही है तो इसे इस रूप में भी देखा जाना चाहिए कि बाघों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बाघों की मौत के प्रत्येक मामले की जांच की गई है, कुछ की जांच जारी है। किसी भी प्रकरण में मौत का कोई असामान्य कारण या मानव जनित कारण अभी तक प्रकाश में नहीं आया है।

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देशभर में सबसे ज्यादा बाघ इस साल मरे

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की ओर से 14 नवंबर को देशभर में इस साल मारे गए बाघों के आंकड़े जारी किए गए हैं। इनके अनुसार, देशभर में इस वर्ष 159 बाघों की मौत दर्ज की गई है। खास बात यह है कि यह आंकड़ा विगत वर्षों में अब तक का सर्वाधिक है।

मध्य प्रदेश में मारे गए सबसे अधिक बाघ

इस वर्ष मध्य प्रदेश में सर्वाधिक 37, महाराष्ट्र में 37, तमिलनाडु में 15 और केरल में 13 बाघों की मौत दर्ज की गई है। वर्ष 2022 की गणना के अनुसार मध्य प्रदेश में बाघों की संख्या 785, महाराष्ट्र में 444, तमिलनाडु में 306 और केरल में 213 दर्ज की गई है।

उत्तराखंड में बाघों की मौत

वर्ष 2019 में 13

वर्ष 2020 में 06

वर्ष 2021 में 10

वर्ष 2022 में 09

वर्ष 2023 में 19

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उत्तराखंड में बाघों की संख्या

वर्ष 2006 में 178

वर्ष 2010 में 227

वर्ष 2014 में 340

वर्ष 2018 में 442

वर्ष 2022 में 560

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