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कैमरा ट्रैप में दिखा सबसे बड़ा बाघ
अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Sun, 06 Apr 2014 10:54 AM IST
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जंगलात के अध्ययन में हल्द्वानी वन प्रभाग के संभवत: सबसे बड़े बाघ का पता चला है। यह बाघ करीब चालीस किमी के एरिया में राज करता है।
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हल्द्वानी वन प्रभाग में राजाजी नेशनल पार्क से भी ज्यादा बाघ
इसके अलावा तराई आर्क लैंड स्केप में बाघों की कई दुर्लभ तस्वीरें मिली है, जिसमें एक बाघ अपनी सीमा बनाते हुए दिख रहा है। हल्द्वानी वन प्रभाग में राजाजी नेशनल पार्क से भी ज्यादा बाघ हैं।
सूत्रों के अनुसार जंगलात ने बाघ समेत दूसरे वन्यजीवों के अध्ययन की योजना बनाई थी। इसके तहत कुछ जगहों पर कैमरा ट्रैप लगाए गए थे। इन कैमरा ट्रैपों में कई बाघों के फोटो मिले हैं।
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सूत्रों के अनुसार प्रभाग के जितने इलाके में अध्ययन हुआ, उसमें करीब 13 बाघ रिपोर्ट हुए हैं। इसमें सबसे बड़ा और भारी-भरकम बाघ भी देखा गया है।
कई जगह कैमरा ट्रैप में कैद हुआ यह बाग
उसकी सीमा करीब चालीस किलोमीटर तक है, जबकि कार्बेट पार्क आदि जगहों पर तुलनात्मक तौर पर बाघों की सीमा का एरिया कम होता है। सूत्रों के अनुसार करीब 10 साल की उम्र का कई जगह कैमरा ट्रैप में कैद हुआ कई जगह कैमरा ट्रैप में कैद हुआ था।
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इसके बाद ही सीमा का अंदाजा लगा। एसडीओ प्रकाश आर्य का कहना है कि एक अनुमान के मुताबिक बाघ का एरिया 25 से 30 किमी तक का होता है, पर इस बाघ की सीमा तुलनात्मक तौर पर ज्यादा है।
इसके अलावा, कैमरा ट्रैप में कैद अन्य बाघों से भी यह बाघ ज्यादा बड़ा है। प्रकाश आर्य ने बताया कि हम इलाके में कार्बेट पार्क की तरह संरक्षण और इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहे हैं, जिससे लोगों को रोजगार भी मिल सके।
सुरक्षा की दृष्टि से भी एहतियातन कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा, तराई के जंगलों में दूसरे बाघों की भी तस्वीरें मिली हैं। इसमें एक बाघ साल के पेड़ पर अपनी सीमा बनाते हुए दिख रहा है।
वनाधिकारियों के अनुसार एक इलाके में एक ही ‘राजा’ की हुकूमत चलती है। अपना एरिया बताने के लिए टाइगर वृक्षों को खरोंचकर अपनी सीमा दर्शाते हैं।