क्लच वायर में फंसाकर 'राजा' को मार डाला
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उत्तराखंड में एक हफ्ते के भीतर शिकारियों ने तीन बाघों का शिकार कर डाला। शनिवार को तीन साल का एक बाघ शिकारियों के हत्थे चढ़ गया। इससे पूर्व उन्होंने अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में दो बाघों को खड़के में फंसाकर मार डाला था।
शिकारियों ने इस बार सेना के अति सुरक्षित कहे जाने वाले हेमपुर डिपो (रिमाउंट ट्रेनिंग स्कूल एंड डिपो) में ढेला नदी के पास क्लच वायर का फंदा डालकर बाघ का काम तमाम किया है।
सूचना मिलने पर डीएफओ राहुल और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। डीएफओ के अनुसार यह सीधा शिकार का मामला है। बाघ की मौत संभवत: शुक्रवार को हो गई थी। उसके शव में कीड़े भी पड़ गए हैं।
उन्होंने बताया कि तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। हेमपुर डिपो के कमांडेंट को भी मौके पर बुलाया गया। उनसे शुक्रवार को पेट्रोलिंग पर गए सैन्य कर्मियों की सूची मांगी गई है।
बाघों के लिए असुरक्षित हेमपुर डिपो हेमपुर डिपो एक बार फिर वन्यजीवों के लिए काल साबित हुआ है। पिछले साल जून में डिपो में जंगल में लगी आग से चार शावकों की जलकर मौत हो गई थी, जिसे छिपाने की बात भी सामने आई थी। इस मामले में कमांडेंट के खिलाफ आरोप दाखिल किया गया था।
मामले में उप वन प्रभागीय अधिकारी ने अपनी जांच पूरी कर ली है। अगले माह कोर्ट में रिपोर्ट पेश की जाएगी। वहीं इस बार क्लच वायर (फंदा) लगाकर बाघ का शिकार किया गया है। इस मामले में वन विभाग सैन्य अफसरों पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी है।
एक हफ्ते में दो गुलदार की भी मौत कोठियालसैंण के पास सड़क किनारे शनिवार को एक गुलदार का शव मिला। रेंजर विक्रम सिंह रावत ने बताया कि गुलदार के शरीर पर दूसरे गुलदार के नाखूनों के निशान हैं। पोस्टमार्टम में गुलदार की आपसी संघर्ष में मौत की बात सामने आई है।
वहीं रानीखेत के तल्ली रियूनी के बाद अब द्वारसौं में शनिवार को तीन-चार साल की मादा गुलदार का शव मिला है। शव गदेरे के पानी में डूबा था। पोस्टमार्टम में गुलदार की ठंड से मौत होने की आशंका जताई गई है।