...तो उत्तराखंड में बनेंगे तीन स्मार्ट सिटी
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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की शर्तों पर देहरादून के साथ ही हरिद्वार और नैनीताल भी खरे उतर रहे हैं। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की बैठक से लौटे मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आर मीनाक्षी सुंदरम ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट में तीनों शहरों के चयन में कहीं कोई रुकावट नहीं है।
उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शहरों के चयन के लिए तीन श्रेणियां बनाई गई है। मानकों के अनुसार देहरादून दूसरी श्रेणी, जबकि हरिद्वार और नैनीताल तीसरे श्रेणी में आ रहे हैं। स्मार्ट सिटी का विकास तीन चरणों में होगा। उन्होंने बताया, बजट भी अलग-अलग चरण के हिसाब से जारी होगा।
मंत्रालय ने तय किया है कि जो शहर पहले चरण का काम सबसे पहले पूरा करेगा, उसे पुरस्कार स्वरूप अगली किस्त में बढ़ाकर दी जाएगी। एमडीडीए वीसी ने बताया कि स्मार्ट सिटी के लिए आवेदन आनलाइन करना होगा। इसके लिए एमडीडीए ने काम शुरू कर दिया है। जल्द ही पूरा प्रजेंटेशन तैयार कर मंत्रालय को भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर देहरादून अब स्मार्ट सिटी होगा।
स्मार्ट सिटी बनने की योग्यता
1- ऐसे शहर जिनकी जीडीपी 54 प्रतिशत से ज्यादा हो।
2- देश के 12 पर्वतीय प्रदेशों की राजधानी - इसमें देहरादून शामिल
3- पर्यटन वाले शहर - इसमें नैनीताल और हरिद्वार शामिल
प्रोजेक्ट के तीन चरण
पहला चरण - रेट्रो सिटी- क्षेत्रफल पांच एकड़
-इस चरण में पुरानी इमारतों की मरम्मत होगी। पार्कों के सुंदरीकरण के साथ ही यातायात व्यवस्था बेहतर की जाएगी। ऊंची इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था ठीक की जाएगी।
दूसरा चरण- ग्रीन फील्ड - क्षेत्रफल 50 एकड़
-इस चरण में शहर की सड़कें चौड़ी होंगी। जैसे चकराता रोड को किया गया था। शहर में नए पार्क बनेंगे और इमारतों का निर्माण होगा। शहर में ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी। आधुनिक यातायात व्यवस्था के तहत इसमें आप्टो ट्रेन समेत अन्य संसाधन जुटाए जाएंगे।
तीसरा चरण - सेटेलाइट सिटी - क्षेत्रफल 250 एकड़
-इस चरण में चंडीगढ़ और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर नए शहर का निर्माण होगा। इस चरण की प्लानिंग पर अभी काम चल रहा है।