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देहरादून के इस कॉलेज की प्रिंसिपल ने सरकारी पैसे से खरीदी पति की पुरानी कार
Wed, 04 Sep 2019 12:46 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 04 Sep 2019 12:46 PM IST
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सीएनआई गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल ने छात्राओं की संचायिका के पैसे से स्कूल के लिए अपने पति की पुरानी कार खरीद ली। आरटीआई में मिले दस्तावेजों में इस गड़बड़झाले की पुष्टि हुई है। वहीं, प्रिंसिपल के अनुसार उन्होंने सब कुछ कानूनी तरीके से किया है।
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कुछ समय पूर्व सरकार ने विद्यालयों में संचायिका स्कीम बंद कर दी थी। विद्यालयों को निर्देश दिए गए थे कि वे संचायिका निधि में जमा धनराशि छात्र-छात्राओं को ब्याज समेत लौटा दें। इस पर सीएनआई कॉलेज ने भी छात्राओं को यह धनराशि वापस कर दी। कई छात्राएं यह पैसा लेने नहीं आईं, जिसके चलते संचायिका निधि में पैसा बचा रह गया। प्रिंसिपल विनिता मार्टिन की अध्यक्षता में विद्यालय के शिक्षकों ने 15 नवंबर 2018 को बैठक की और इस पैसे से विद्यालय के लिए कार खरीदने का फैसला किया। प्रिंसिपल ने इस प्रस्ताव के बाद संचायिका के पैसे से अपने पति अरविंद कुमार मार्टिन की ही फरवरी 2011 मॉडल की पुरानी आई-20 कार ढाई लाख रुपये में खरीद ली।
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कानूनी तरीका से खरीदी कार: प्रिंसिपल
प्रिंसिपल विनीता मार्टिन का कहना है कि वैसे भी यह कार विद्यालय के ही काम आती थी। हमने लीगल प्रक्रिया के बाद कार को खरीदा है। छात्राओं को किसी कार्यक्रम, कंपटिशन या खेल में जाते वक्त दिक्कत झेलनी पड़ती थी। उन्हें किसी तरह की दिक्कत न हो इसलिए यह गाड़ी खरीदी गई। उन्होंने कहा कि आरटीई में मुझसे ही दस्तावेज मांगे गए थे। अगर मैं गलत होती तो यह दस्तावेज क्यों देती।
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संचायिका का पैसा खर्च न करें स्कूल : सीईओ
मामला सामने आने के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी आशारानी पैन्यूली ने इस पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सभी बीईओ को पत्र लिखकर संचायिका की धनराशि के किसी भी अन्य कार्य में इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने अब तक संचायिका नहीं ली, उन्हें ब्याज सहित वापस की जाए।