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कैबिनेट : तीन मामलों में कारावास की सजा पाने वाले ही माने जाएंगे अभ्यस्त अपराधी

Fri, 19 Jun 2026 02:24 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2026 02:24 AM IST
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There will now be transparency in the classification of
जेलों में कैदियों के वर्गीकरण में अब पारदर्शिता आएगी। कैबिनेट ने उत्तराखंड कारागार (संशोधन) नियमावली- 2026 को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत नए कानून लागू होने के बाद अब केवल उसी व्यक्ति को अभ्यस्त अपराधी माना जाएगा जिसे कम से कम तीन अलग-अलग समय में कारावास हो चुका है।
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यही नहीं इनमें से भी कोई सजा उच्च न्यायालय ने रद्द न की हो। यह सजा उत्तर प्रदेश अभ्यस्त अपराधी प्रतिरोध अधिनियम 1952 की अनुसूची में दर्ज अपराधों के लिए होना अनिवार्य है। इस नियमावली का मुख्य उद्देश्य जेल नियमावली में अभ्यस्त अपराधी की परिभाषा को अधिक स्पष्ट और न्यायसंगत बनाना है। सरकार ने यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के अनुपालन में लिया है। गत मार्च में गैरसैंण में हुए विधानसभा सत्र में इस एक्ट को पास किया गया था।
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