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Dehradun News: फीस नियंत्रण का नहीं कोई नियम, निजी स्कूल चला रहे मनमानी

Mon, 21 Oct 2024 12:34 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 21 Oct 2024 12:34 AM IST
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There is no rule for fee control, private schools are running arbitrarily
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IIतत्कालीन यूपी सरकार से चला आ रहा 10 फीसदी फीस बढ़ोतरी का कानून
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Iनिजी विद्यालयों के फीस बढ़ोतरी करने से अभिभावकों में बढ़ रहे आर्थिक बोझ की समस्या से निपटने के लिए सरकार की ओर से कोई सख्त कानून नहीं बनाया गया है। आलम यह है कि तत्कालीन यूपी सरकार की ओर से निजी विद्यालयों को हर साल 10 फीसदी फीस बढ़ाने के अधिकार वाले कानून के तहत ही निजी विद्यालय मनमाने तरीके से फीस में बढ़ोतरी करते आ रहे हैं। जिसके चलते आए दिन फीस बढ़ोतरी को लेकर अभिभावक शिकायत और प्रदर्शन करते हैं।
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Iमनमाने तरीके से फीस बढ़ोतरी उस समय समस्या दोगुनी कर देती है जब विद्यालय में बच्चे का प्रवेश किया जाता है या फिर नई कक्षा में छात्र का प्रवेश होता है। हाल ही में प्रेमनगर के एक विद्यालय की ओर से की गई फीस बढ़ोतरी के बाद अभिभावक प्रदर्शन कर रहे हैं। उधर शिक्षा विभाग का कहना है कि इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद संबंधित विद्यालय को नोटिस भेजा जाएगा। वहीं, अभिभावक संघ के महामंत्री मनमोहन जायसवाल ने कहा, फीस नियंत्रण के लिए राज्य सरकार को कानून बनाना चाहिए। इसमें शुल्क निर्धारण में अलग-अलग मापदंड अपनाए जाएं।
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Iविद्यालय में छात्र-छात्राओं की संख्या, पुस्तकालय, प्रयोगशाला का स्तर, पेयजल, शौचालय, भवन की स्थिति, कंप्यूटर शिक्षा, शिक्षक एनसीटीइ के मापदंड के अनुरूप योग्यता रखते हैं कि नहीं, शिक्षकों व कर्मचारियों के मिलने वाला वेतन, पठन-पाठन पर किया जाने वाला खर्च, स्कूलों की ओर से लिए जाने वाले शुल्क व दी जाने वाली सुविधा को ध्यान में रख फीस का निर्धारण किया जाए।
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Iतत्कालीन यूपी सरकार की ओर से निजी विद्यालयों को 10 फीसदी फीस बढ़ोतरी का अधिकारी दिया गया है। इसी के आधार पर विद्यालय फीस बढ़ोतरी करते हैं। हालांकि जांच में यह भी सामने आया है कि कई विद्यालय 10 फीसदी से अधिक फीस की बढ़ोतरी कर रहे हैं। इन विद्यालयों के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई भी की जाती है। रही बात प्रेमनगर विद्यालय की तो शिकायत मिलने के बाद इस विद्यालय के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। - प्रदीप कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारीI
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