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Dehradun News: क्षैतिज आरक्षण विधेयक पारित न होने पर आंदोलनकारियों में रोष

Sun, 17 Mar 2024 01:44 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 17 Mar 2024 01:44 AM IST
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There is anger among the agitators over the ten percent
I- उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच की बैठक आयोजित
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I- रामपुर तिराहे पर उत्तराखंड परिवहन की बसों का स्टॉपेज बनाने की मांगI

दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण विधेयक व आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण न होने पर आंदोलनकारियों में आक्रोश है। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जगह-जगह जाकर सरकार की वादा खिलाफी से लोगों को अवगत कराएंगे।

वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी युद्धवीर सिंह चौहान व हरीश अमोली ने कहा कि क्षैतिज आरक्षण का विधेयक को अभी तक मंजूरी न मिलना निराशाजनक है। इसको लेकर आगामी 29 मार्च को मंच की ओर से घोषणापत्र जारी किया जाएगा।
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इसके साथ ही सरकार व शासन से मांग की गई कि मुजफ्फरनगर गोलीकांड का प्रमुख स्थल रहे रामपुर तिराहे पर उत्तराखंड परिवहन की बसों का स्टॉपेज बनाया जाए। ताकि सभी लोग उस जगह का महत्व जान सके। इस दौरान राकेश अमोली, प्रदीप कुकरेती, रामचंद्र नौडियाल, विशंभर दत्त बौंठियाल, हरीश पंत, मोहन सिंह रावत, मनोज नौटियाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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Iवरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी नत्थीलाल भट्ट का निधनI

वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी नत्थीलाल भट्ट का निधन हो गया है। राज्य आंदोलनकारी मंच ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया गया। परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाही के पद पर नत्थीलाल भट्ट कार्यरत थे। कुछ दिन से तबीयत खराब होने के चलते जौलीग्रांट अस्पताल में उनका उपचार हो रहा था। जहां शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।






Iकोर्ट के फैसले से खुशी का माहौलI



मुजफ्फरनगर कांड में शुक्रवार को कोर्ट की तरफ से फैसला आने से राज्य आंदोलनकारियों में खुशी का माहौल है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद के प्रवक्ता चिंतन सकलानी ने कहा कि कोर्ट ने जो फैसला दोषियों के खिलाफ दिया है वह एकदम सही है। उन्हें आशा है कि दोषियों को फांसी की सजा दी जाएगी। जिससे शहीदों का सम्मान हो सके। इस कांड की यादें आज भी आंदोलनकारियों की आत्मा को झकझोर कर रख देती है।
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