फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   The suspected radioactive device became a puzzle for the police as well

Dehradun News: संदिग्ध रेडियोएक्टिव उपकरण बना पुलिस के लिए भी पहेली

Wed, 17 Jul 2024 04:57 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jul 2024 04:57 AM IST
विज्ञापन
The suspected radioactive device became a puzzle for the police as well
I
विज्ञापन

IIकिसने और कहां बनाया अभी तक नहीं मिल पा रही कोई ठोस जानकारी
I
I

I
Iपुलिस ने फरीदाबाद के डीलर को पूछताछ के लिए बुलाया, नहीं मिले दस्तावेज
I
I
I
Iसंदिग्ध रेडियोएक्टिव उपकरण अभी तक पुलिस के लिए पहेली बना हुआ है। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार तो किया लेकिन उनसे पूछताछ में हर दिन एक नई जानकारी मिली। अब इतना तो पता चला कि यह उपकरण नकली है, लेकिन किसने और कब इसे बनाया इसकी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पा रही है। अलबत्ता अब पुलिस ने उस डीलर को पूछताछ के लिए बुलाया है जो इसे खरीदने के लिए देहरादून आने वाला था। बताया जा रहा है कि उसके पास ऐसे उपकरणों को खरीदने का लाइसेंस है, लेकिन वह अपने साथ कोई दस्तावेज लेकर नहीं पहुंचा है।
I
I
I
Iपिछले शुक्रवार को पुलिस ने राजपुर क्षेत्र में पूर्व आयकर अधिकारी श्वेताभ सुमन के घर पर छापा मारकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से एक संदिग्ध रेडियोएक्टिव उपकरण बरामद हुआ था। उस वक्त एसडीआरएफ ने इसकी जांच की तो पता चला कि इसमें रेडियोएक्टिव पदार्थ हो सकता है। लेकिन, अगले दिन जब नरौरा से आई टीम ने इसकी जांच की तो इसमें रेडियोएक्टिव पदार्थ न होने की पुष्टि हुई। आरोपियों सुमित पाठक और तबरेज आलम से पूछताछ हुई तो उन्होंने पुलिस के सामने सहारनपुर निवासी राशिद का नाम लिया। बताया कि उसने उन्हें यह उपकरण बेचा था। लेकिन, अगले दिन जब राशिद गिरफ्तार हुआ तो कहानी कुछ और निकली।
विज्ञापन

I
I
I
Iउसने पुलिस को बताया कि यह उपकरण नकली है और उसने कभी नहीं बेचा। यह उपकरण तबरेज और उसके एक साथी ने अपने घर पर बनाया था। इससे एक बात तो साफ हो गई कि यह उपकरण नकली है। लेकिन, किसने और कब इसे बनाया इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है। सूत्रों के मुताबिक इतना भी साफ हो गया है कि इसका सौदा करोड़ों रुपये में होना था। इस पूछताछ में एक नाम लव मल्होत्रा का भी सामने आया था। लव को ही इस उपकरण को खरीदना था। बताया गया था कि लव के पास इस तरह के उपकरणों को बेचने और खरीदने का लाइसेंस है। लेकिन, पुलिस के सामने पहुंचा लव अपने साथ कोई दस्तावेज लेकर नहीं आया है। देर रात तक पुलिस उससे पूछताछ कर रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

I
I
I
I
I
I
I
Iतो राजस्थान की घटना से प्रेरित हो सुमित ने बनाया उपकरण
I
I
I
Iबताया जा रहा है कि इस पूरी कहानी के पीछे सुमित पाठक नाम के आरोपी का दिमाग है। सुमित पाठक दिल्ली में पुराने सामान खरीदने-बेचने का काम करता है। वह बहुत सी पुरानी चीजों को नकली बनाकर महंगे दामों पर बेचता है। बताया जा रहा है कि सुमित पाठक ने राजस्थान में हुई 14 करोड़ रुपये की ठगी से प्रेरित होकर इस तरह का षडयंत्र रचा था। इसी तरह के उपकरण को बेचने का राजस्थान में ठगों ने जाल बुना था। राजस्थान पुलिस ने उस वक्त 18 लोगों को गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों ने सात लोगों से 14 करोड़ रुपये की ठगी इस तरह के एक नकली उपकरण को बेचकर की थी। पुलिस के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार सुमित पाठक ने ही अपनी दुकान व कार्यशाला पर इस उपकरण को बनाया था। ताकि, वह इसे इसी तरह बेचकर करोड़ों रुपये की ठगी कर सके। हालांकि, अभी सुमित से भी पुलिस कस्टडी रिमांड में लेकर पूछताछ की जानी बाकी है। जल्द ही पुलिस उसकी पीसीआर मांग सकती है।I
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article