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Dehradun News: भारतीय सैन्य अकादमी में जुटे 1973 के पासआउट कैडेट
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Iअकादमी में 52वें रेगुलर कोर्स से पास आउट कैडेटों के लिए गोल्डन जुबली री-यूनियन कार्यक्रम
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Iदिसंबर 1973 में अकादमी से सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर पास आउट हुए थे 300 जेंटलमैन कैडेटI
भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में 52वें रेगुलर और 36वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की गोल्डन जुबली री-यूनियन आयोजित की गई। इस दौरान 1973 में पासआउट हुए 300 कैडेट (अब रिटायर्ड सैन्य अधिकारी) जुटे। इस दौरान उन्होंने वार मेमोरियल पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और पुरानी यादें ताजा कीं।
पांच दशक पहले यानी दिसंबर 1973 में इस बैच से 300 जेंटलमैन कैडेट पासआउट होकर बतौर सेकंड लेफ्टिनेंट सेना का अभिन्न अंग बने थे। वर्ष 1973 में पासआउट होने वाले इस बैच ने देशसेवा में समर्पित होने वाले कई सैन्य अधिकारी दिए। इसी बैच से पासआउट हुए दो जेंटलमैन कैडेट बाद में आर्मी कमांडर के पद तक पहुंचे। तमाम वीरता पदक भी इस बैच के सैन्य अधिकारियों को मिले हैं।
इस बैच के लिए आईएमए में आयोजित स्वर्ण जयंती पुनर्मिलन समारोह में शामिल हुए रिटायर सैन्य अधिकारियों व उनके पारिवारिक सदस्यों के बीच खास उत्साह देखने को मिला। उन्होंने अपने सैन्य जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए। साथ ही अकादमी में सैन्य प्रशिक्षण के दौरान के लम्हों को भी याद किया। अकादमी के समादेशक ले. जनरल वीके मिश्रा ने इन सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। साथ ही उन्हें अकादमी की मौजूदा सुविधाओं, संसाधनों व भविष्य में किए जाने वाले बदलावों की जानकारी भी दी। सभी रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों ने अकादमी के काफी टेबल बुक पर हस्ताक्षर कर अपने अनुभव लिखे।
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Iदिसंबर 1973 में अकादमी से सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर पास आउट हुए थे 300 जेंटलमैन कैडेटI
भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में 52वें रेगुलर और 36वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की गोल्डन जुबली री-यूनियन आयोजित की गई। इस दौरान 1973 में पासआउट हुए 300 कैडेट (अब रिटायर्ड सैन्य अधिकारी) जुटे। इस दौरान उन्होंने वार मेमोरियल पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और पुरानी यादें ताजा कीं।
पांच दशक पहले यानी दिसंबर 1973 में इस बैच से 300 जेंटलमैन कैडेट पासआउट होकर बतौर सेकंड लेफ्टिनेंट सेना का अभिन्न अंग बने थे। वर्ष 1973 में पासआउट होने वाले इस बैच ने देशसेवा में समर्पित होने वाले कई सैन्य अधिकारी दिए। इसी बैच से पासआउट हुए दो जेंटलमैन कैडेट बाद में आर्मी कमांडर के पद तक पहुंचे। तमाम वीरता पदक भी इस बैच के सैन्य अधिकारियों को मिले हैं।
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इस बैच के लिए आईएमए में आयोजित स्वर्ण जयंती पुनर्मिलन समारोह में शामिल हुए रिटायर सैन्य अधिकारियों व उनके पारिवारिक सदस्यों के बीच खास उत्साह देखने को मिला। उन्होंने अपने सैन्य जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए। साथ ही अकादमी में सैन्य प्रशिक्षण के दौरान के लम्हों को भी याद किया। अकादमी के समादेशक ले. जनरल वीके मिश्रा ने इन सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। साथ ही उन्हें अकादमी की मौजूदा सुविधाओं, संसाधनों व भविष्य में किए जाने वाले बदलावों की जानकारी भी दी। सभी रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों ने अकादमी के काफी टेबल बुक पर हस्ताक्षर कर अपने अनुभव लिखे।
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