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Dehradun News: डीएम ने कहा जिला बदर कर दूंगा... सुनकर मां के पैरों गिरकर मांगी माफी
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नशे की हालत में विधवा मां से मारपीट करने वाले दो बेटों को मंगलवार को जिलाधिकारी सविन बंसल ने अच्छा सबक सिखाया। दोनों के खिलाफ चल रही गुंडा एक्ट की कार्रवाई के बीच जिलाधिकारी ने उन्हें जिला बदर करने की चेतावनी देते हुए मां से माफी मांगने के लिए कहा।
जिलाधिकारी की इतनी सुनते ही दोनों बेटे अदालत में ही मां के पैरों में गिर गए और माफी मांगने लगे। यही नहीं दोनों ने जीवन में कभी नशा न करने और मां से मारपीट न करने का शपथपत्र भी दिया। इसके बाद जिलाधिकारी ने फिलहाल गुंडा एक्ट की कार्रवाई को निरस्त कर दिया। जिलाधिकारी ने बताया कि बंजारावाला निवासी एक विधवा महिला ने पिछले दिनों गुहार लगाई थी। उन्होंने बताया था कि उनके दो बेटे हैं। दोनों नशे की हालत में आते हैं और रुपयों की मांग करते हैं। रकम न देने पर उनसे मारपीट करते हैं।
इसके बाद दोनों के खिलाफ एक गोपनीय जांच कराई गई। पड़ोसियों और जनप्रतिनिधियों से पूछा गया। इसके बाद मां के दर्द की पुष्टि हुई। दोनों के खिलाफ न्यायालय में गुंडा एक्ट की कार्यवाही शुरू कर दी गई। दोनों बेटों को मंगलवार को अदालत में बुलाया गया। इन दोनों से कहा गया कि यदि वे अपनी मां से माफी मांग लेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। नहीं तो जिला बदर यानी जिले से छह महीने के लिए बाहर किया जा सकता है।
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इसके बाद दोनों बेटों को अपराध बोध हुआ और मां के पैरों में गिर गए। उन्होंने न सिर्फ माफी मांगी बल्कि भविष्य में ऐसा न करने का शपथपत्र भी दिया। जिलाधिकारी ने बताया कि महिलाओं व निर्बल वर्ग के उत्पीड़न पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है और भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जिलाधिकारी की इतनी सुनते ही दोनों बेटे अदालत में ही मां के पैरों में गिर गए और माफी मांगने लगे। यही नहीं दोनों ने जीवन में कभी नशा न करने और मां से मारपीट न करने का शपथपत्र भी दिया। इसके बाद जिलाधिकारी ने फिलहाल गुंडा एक्ट की कार्रवाई को निरस्त कर दिया। जिलाधिकारी ने बताया कि बंजारावाला निवासी एक विधवा महिला ने पिछले दिनों गुहार लगाई थी। उन्होंने बताया था कि उनके दो बेटे हैं। दोनों नशे की हालत में आते हैं और रुपयों की मांग करते हैं। रकम न देने पर उनसे मारपीट करते हैं।
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इसके बाद दोनों के खिलाफ एक गोपनीय जांच कराई गई। पड़ोसियों और जनप्रतिनिधियों से पूछा गया। इसके बाद मां के दर्द की पुष्टि हुई। दोनों के खिलाफ न्यायालय में गुंडा एक्ट की कार्यवाही शुरू कर दी गई। दोनों बेटों को मंगलवार को अदालत में बुलाया गया। इन दोनों से कहा गया कि यदि वे अपनी मां से माफी मांग लेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। नहीं तो जिला बदर यानी जिले से छह महीने के लिए बाहर किया जा सकता है।
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इसके बाद दोनों बेटों को अपराध बोध हुआ और मां के पैरों में गिर गए। उन्होंने न सिर्फ माफी मांगी बल्कि भविष्य में ऐसा न करने का शपथपत्र भी दिया। जिलाधिकारी ने बताया कि महिलाओं व निर्बल वर्ग के उत्पीड़न पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है और भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।