फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   The credibility of many veterans is at stake this time in the election results

चुनाव परिणाम आज: दून में कई दिग्गजों की साख इस बार दांव पर

Thu, 10 Mar 2022 12:17 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 10 Mar 2022 12:17 AM IST
विज्ञापन
The credibility of many veterans is at stake this time in the election results
विधान सभा चुनाव 2022 में कौन प्रत्याशी महारथी साबित हुआ और कौन चूक गया यह तो आज पता चल ही जाएगा। जनपद की दस विधानसभा चुनाव में कई दिग्गज ऐसे हैं, जिनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा और साख इस बार दांव पर है। इस बार का चुनाव परिणाम इनका सियासी भविष्य भी तय करेगा। इसमें दोनों पार्टियों के दिग्गज आमने-सामने हैं। किसी को अपना गढ़ बचाने की चिंता है तो किसी को अपनी पुरानी साख वापस लौटने का इंतजार। लिहाजा चुनाव प्रचार के दौरान इन दिग्गजों ने जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी।
विज्ञापन

दस विधानसभा सीटों में इस बार जिन दिग्गजों की प्रतिष्ठा और साख दांव पर हैं, उनमें चकराता सीट से कांग्रेस प्रत्याशी प्रीतम सिंह, मसूरी से कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, कैंट से कांग्रेस प्रत्याशी सूर्यकांत धस्माना, रायपुर से कांग्रेस प्रत्याशी हीरा सिंह बिष्ट, भाजपा प्रत्याशी उमेश शर्मा काऊ और धर्मपुर सीट से पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल तथा राजपुर सीट से विधायक खजानदास और पूर्व विधायक राजकुमार। चकराता सीट की बात करें तो यहां प्रीतम सिंह मैदान में हैं जो नेता प्रतिपक्ष के साथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और कांग्रेस की सरकार आने पर मुख्यमंत्री के प्रमुख दावेदारों में उनका नाम शामिल है। लिहाजा चकराता सीट पर उनकी प्रतिष्ठा और राजनीतिक साख दांव पर है। मसूरी विधानसभा की बात करें तो यहां कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मैदान में हैं, जिन्हें कांग्रेस की गोदावरी थापली कड़ी टक्कर देती नजर आ रही हैं। कैबिनेट मंत्री होने के नाते उनकी प्रतिष्ठा भी पूरी तरह से दांव पर लगी है। कैंट सीट की बात करें तो कांग्रेस प्रत्याशी सूर्यकांत धस्माना के राजनीतिक भविष्य का फैसला होना है। पिछली बार भी उन्होंने इस सीट पर काबिज होने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया था लेकिन वह हरबंश कपूर को मात नहीं दे सके। कपूर के निधन के बाद इस बार भाजपा ने यहां उनकी पत्नी सविता कपूर पर दांव खेला है। भाजपा प्रत्याशी के साथ जहां सहानुभूति की लहर है वहीं हरबंश कपूर के कार्यों का लाभ उन्हें मिल सकता है। लिहाजा धस्मामा के लिए यहां चुनाव जीतना प्रतिष्ठा और साख का सवाल बना हुआ है। यही हाल रायपुर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी हीरा सिंह बिष्ट का है। उन्हें कांग्रेस ने इस बार उनकी पुरानी सीट डोईवाला के बजाए रायपुर से मैदान में उतारा। उनके सामने विधायक उमेश शर्मा काऊ मैदान हैं। यहां उमेश शर्मा को गढ़ बचाने की चुनौती है तो हीरा सिंह बिष्ट को अपनी राजनीतिक प्रतिष्ठा बचाने की। कहा तो जा रहा है कि यह चुनाव हीरा सिंह बिष्ट का अंतिम चुनाव हो सकता है, जबकि उमेश के लिए यह चुनाव भाजपा में उनकी प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला साबित। क्योंकि उन्हें यहां भाजपा से ही काफी विरोध का सामना करना पड़ा। धर्मपुर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी दिनेश अग्रवाल का भी यह अंतिम चुनाव माना जा रहा है। लिहाजा उन्हें इस बार अपनी पुरानी खोई साख बचाने की चिंता है। जबकि राजपुर सीट पर पूर्व विधायक राजकुमार और वर्तमान विधायक खजान दास मैदान है। खजान दास को अपनी गढ़ बचाने की चिंता है तो पूर्व विधायक राजकुमार को अपनी पुरानी प्रतिष्ठा दांव पर। चकराता सीट के अलावा कोई ऐसी सीट नहीं है, जहां इन दिग्गजों को भीतरघात न जूझना पड़ा हो। इसलिए वह अपने जीत के प्रति भी पूरी तरह से आश्वस्त नजर नहीं आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed