{"_id":"66b556489a8381f6e30911c4","slug":"the-court-has-ordered-to-file-a-case-against-the-accused-in-dehradun-news-c-5-1-drn1030-473630-2024-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: लाखों रुपये हड़पने के मामले में मुकदमा दर्ज करने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: लाखों रुपये हड़पने के मामले में मुकदमा दर्ज करने के आदेश
विज्ञापन
Iअपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत का फैसलाI
जमीन का सौदा कर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में न्यायालय ने आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। सरदार हरपाल सिंह ने न्यायालय में दिए पत्र में सरदार इंद्रजीत सिंह और सरदार राजा सिंह निवासी जीआरडी को आरोपी बनाया था। कहा था कि इंद्रजीत ने मौजा राजपुर में एक जमीन दिखाई। कहा कि जमीन उनके पिता सरदार राजा सिंह के नाम पर है और वह मुख्तारेआम है। जिसे बेचने का पूरा अधिकार है।
हरपाल सिंह ने न्यायालय को बताया कि इस दौरान इंद्रजीत सिंह ने अपने पिता राजा सिंह से भी मिलवाया। जमीन का 1.50 करोड़ में सौदा हुआ। इंद्रजीत के मुताबिक नवंबर 2022 में सरदार राजा सिंह के नाम पर सात लाख रुपये दे दिए। इसके कुछ दिन बाद ही 2.50 लाख रुपये दिए। कुल 9.50 लाख रुपये दे दिए। दोनों आरोपी पंजीकृत अनुबंध पत्र बनाने में टाल-मटोल करते रहे। छानबीन की गई तो पता चला कि वक्त जमीन पर पिछले 20 साल से न्यायालय में विवाद चल रहा है। इंद्रजीत सिंह और राजा सिंह का भूमि में कब्जा भी पक्का नहीं है। आरोपियों ने रकम वापस देने से इंकार कर दिया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय साहिस्ता बानो ने मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
जमीन का सौदा कर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में न्यायालय ने आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। सरदार हरपाल सिंह ने न्यायालय में दिए पत्र में सरदार इंद्रजीत सिंह और सरदार राजा सिंह निवासी जीआरडी को आरोपी बनाया था। कहा था कि इंद्रजीत ने मौजा राजपुर में एक जमीन दिखाई। कहा कि जमीन उनके पिता सरदार राजा सिंह के नाम पर है और वह मुख्तारेआम है। जिसे बेचने का पूरा अधिकार है।
हरपाल सिंह ने न्यायालय को बताया कि इस दौरान इंद्रजीत सिंह ने अपने पिता राजा सिंह से भी मिलवाया। जमीन का 1.50 करोड़ में सौदा हुआ। इंद्रजीत के मुताबिक नवंबर 2022 में सरदार राजा सिंह के नाम पर सात लाख रुपये दे दिए। इसके कुछ दिन बाद ही 2.50 लाख रुपये दिए। कुल 9.50 लाख रुपये दे दिए। दोनों आरोपी पंजीकृत अनुबंध पत्र बनाने में टाल-मटोल करते रहे। छानबीन की गई तो पता चला कि वक्त जमीन पर पिछले 20 साल से न्यायालय में विवाद चल रहा है। इंद्रजीत सिंह और राजा सिंह का भूमि में कब्जा भी पक्का नहीं है। आरोपियों ने रकम वापस देने से इंकार कर दिया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय साहिस्ता बानो ने मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन