आसन बैराज झील में बढ़ने लगी प्रवासी पक्षियों की अठखेलियां, पहुंचने लगे विदेशी परिंदे
उत्तराखंड की पहली रामसर साइट आसन बैराज झील में प्रवासी पक्षियों की अठखेलियां बढ़ने लगी हैं। विदेशी परिंदे हजारों किमी की दूरी तय कर प्रवास पर आसन झील पहुंचने लगे हैं। साथ ही झील के आसपास देशी पक्षियों की संख्या में भी इजाफा होने लगा है।
आसन झील में अब तक करीब 11 प्रजातियों के एक हजार से अधिक पक्षी डेरा डाल चुके हैं। पक्षियों की लगातार बढ़ती संख्या को देख पक्षी प्रेमियों के चेहरे भी खिल उठे हैं। सुर्खाब के साथ ही नार्थन सोवलेर, ग्रे हेरोन, पर्पल हेरोन, वूली नेक्ड स्टॉक, स्पॉट बिल्ड डक, कॉमन कारमोरेंट, लिटिल इगरेट, किंगफिशर, व्हाइट ब्रिस्टेड वाटर हैन, कॉमन मोरेहन, इंडियन कारमोरेंट जैसे मेहमान झील में अठखेलियां करते नजर आने लगे हैं।
पक्षियों की लगातार बढ़ती संख्या को देख वन महकमा भी मुस्तैद है। झील के आसपास सुरक्षा व्यवस्था में इजाफा कर दिया गया है। मालूम हो कि इस साल अक्तूबर के पहले पखवाड़े में आसन बैराज झील में सुर्खाब पक्षियों के पहले झुंड ने दस्तक दी थी, लेकिन शुरुआत में इन पक्षियों के झील में पहुंचने की रफ्तार बेहद कम रही।
पक्षियों की संख्या में और भी तेजी से उछाल आएगा
अब ठंड में इजाफे के साथ ही पक्षियों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी होने लगी है। जानकारों का कहना है कि सर्दियों में होने वाली बारिश के साथ ही ठंड में इजाफा होने से इन पक्षियों की संख्या में और भी तेजी से उछाल आएगा।
झील में पक्षियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उम्मीद है कि इस साल बीते साल की तुलना में अधिक पक्षी प्रवास पर आसन झील पहुंचेंगे। पक्षियों की बढ़ती संख्या को देख झील और आसपास के जंगलों में सुरक्षा बढ़ाई गई है।
- दीपचंद आर्य, डीएफओ