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किशोरी की मौत मामला: शादाब के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा, पुलिस ने हिरासत में लिया
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लक्ष्मण चौक क्षेत्र में किशोरी की मौत के बाद पुलिस ने उसके प्रेमी शादाब के खिलाफ पॉक्सो समेत दुष्कर्म और नाबालिग को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मुकदमे में शादाब के चाचा और पिता को भी आरोपी बनाया गया है। दोनों पर आरोप है कि इन्होंने भी किशोरी पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला था। इधर, पुलिस ने शादाब को हिरासत में ले लिया है। उसकी आज (बृहस्पतिवार) आधिकारिक रूप से गिरफ्तारी की जा सकती है।
बता दें कि शहर कोतवाली के लक्ष्मण चौक क्षेत्र में एक घर में सोमवार रात को एक 17 वर्षीय किशोरी फंदे पर लटकी मिली थी। उसकी कलाई भी ब्लेड से कटी हुई थी। कमरे की दीवार पर लिखा था कि ‘भाग गई मैं तुम्हारी जिंदगी से खुश रहना दोनों’। पुलिस अभी इसकी जांच ही कर रही थी कि मामले में दूसरा मोड़ आ गया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी शादाब से प्यार करती थी लेकिन वह उसके साथ मारपीट करता था। आरोप लगाया कि शादाब किशोरी की मौत के पहले उनके घर में आया था और उसी ने उसकी हत्या कर शव फंदे पर लटका दिया।
पुलिस के अनुसार वहां मौजूद लोगों और फोन लोकेशन से पता चला कि शादाब वहां पर मंगलवार तड़के चार से पांच बजे के बीच आया था। जबकि, किशोरी की मौत रात 1.30 बजे हो गई थी। मामले में कुछ संगठनों ने भी प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। इसके बाद किशोरी के भाई की तरफ से तहरीर दी गई कि शादाब ने किशोरी से दुष्कर्म किया था। वह कुछ दिन पहले उसे शिमला बाईपास रोड पर लेकर गया और वहां उसने अपने चाचा और पिता से भी संबंध बनाने के लिए दबाव डाला। शहर कोतवाल विद्याभूषण नेगी ने बताया कि आरोपी शादाब, उसके पिता व चाचा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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कौन हैं वो दोनों जिन्हें खुश रहने के लिए दीवार पर लिखा था संदेश
बताया जा रहा है कि किशोरी ने ही मौत से पहले दीवार पर संदेश लिखा था। इसमें उसने दो लोगों को खुश रहने के लिए कहा था। अब सवाल यह है कि ये दोनों कौन हैं। एक तरह से यह उसका सुसाइड नोट ही माना जा रहा है। इससे साफ है कि वह किन्हीं दो लोगों से परेशान थी। इससे यह बात भी उठ रही है कि इन्हीं दो लोगों के कारण उसने आत्महत्या की होगी। शादाब उसके साथ मारपीट करता था यह बात किशोरी ने अपनी सहेलियों को भी बताई थी। लेकिन, दीवार पर लिखी बात शादाब के लिए तो बिल्कुल नहीं हैं यह बात भी स्पष्ट है। क्योंकि, शादाब अकेला ही था।
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बता दें कि शहर कोतवाली के लक्ष्मण चौक क्षेत्र में एक घर में सोमवार रात को एक 17 वर्षीय किशोरी फंदे पर लटकी मिली थी। उसकी कलाई भी ब्लेड से कटी हुई थी। कमरे की दीवार पर लिखा था कि ‘भाग गई मैं तुम्हारी जिंदगी से खुश रहना दोनों’। पुलिस अभी इसकी जांच ही कर रही थी कि मामले में दूसरा मोड़ आ गया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी शादाब से प्यार करती थी लेकिन वह उसके साथ मारपीट करता था। आरोप लगाया कि शादाब किशोरी की मौत के पहले उनके घर में आया था और उसी ने उसकी हत्या कर शव फंदे पर लटका दिया।
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पुलिस के अनुसार वहां मौजूद लोगों और फोन लोकेशन से पता चला कि शादाब वहां पर मंगलवार तड़के चार से पांच बजे के बीच आया था। जबकि, किशोरी की मौत रात 1.30 बजे हो गई थी। मामले में कुछ संगठनों ने भी प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। इसके बाद किशोरी के भाई की तरफ से तहरीर दी गई कि शादाब ने किशोरी से दुष्कर्म किया था। वह कुछ दिन पहले उसे शिमला बाईपास रोड पर लेकर गया और वहां उसने अपने चाचा और पिता से भी संबंध बनाने के लिए दबाव डाला। शहर कोतवाल विद्याभूषण नेगी ने बताया कि आरोपी शादाब, उसके पिता व चाचा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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कौन हैं वो दोनों जिन्हें खुश रहने के लिए दीवार पर लिखा था संदेश
बताया जा रहा है कि किशोरी ने ही मौत से पहले दीवार पर संदेश लिखा था। इसमें उसने दो लोगों को खुश रहने के लिए कहा था। अब सवाल यह है कि ये दोनों कौन हैं। एक तरह से यह उसका सुसाइड नोट ही माना जा रहा है। इससे साफ है कि वह किन्हीं दो लोगों से परेशान थी। इससे यह बात भी उठ रही है कि इन्हीं दो लोगों के कारण उसने आत्महत्या की होगी। शादाब उसके साथ मारपीट करता था यह बात किशोरी ने अपनी सहेलियों को भी बताई थी। लेकिन, दीवार पर लिखी बात शादाब के लिए तो बिल्कुल नहीं हैं यह बात भी स्पष्ट है। क्योंकि, शादाब अकेला ही था।