दो दिन तक स्कूलों में डेरा डालेंगे अधिकारी: ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक गठित किए गए दल, पढ़िए क्या है वजह?
ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक नोडल अधिकारी बनाए जाएंगे। जिसमें राज्य स्तरीय जनपद नोडल अधिकारी, जनपद स्तरीय अधिकारी या उनके द्वारा नामित प्रधानाचार्य, विकासखंड अधिकारी या उनके द्वारा नामित प्रधानाचार्य एवं विकास खंड प्रभारी को दल में शामिल किया गया है।
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शिक्षा विभाग के अधिकारी दो दिन तक स्कूलों में डेरा डालेंगे और उनके संचालन, प्रबंधन और पठन-पाठन की हकीकत का पता लगाएंगे। शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इसके तहत ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक नोडल अधिकारी बनाए जाएंगे।
शिक्षा महानिदेशक ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के लिए समय-समय पर स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया जाता रहा है, लेकिन अब पठन-पाठन, विद्यालय प्रबंधन योजनाओं के क्रियान्वयन, विद्यालय की शैक्षिक उपलब्धि, व्यवस्था आदि की गहन मॉनिटरिंग के लिए स्कूलों का दो दिवसीय निरीक्षण किया जाएगा।
इसके लिए निरीक्षण दल का गठन किया गया है। जिसमें राज्य स्तरीय जनपद नोडल अधिकारी, जनपद स्तरीय अधिकारी या उनके द्वारा नामित प्रधानाचार्य, विकासखंड अधिकारी या उनके द्वारा नामित प्रधानाचार्य एवं विकास खंड प्रभारी को दल में शामिल किया गया है। जो लगातार दो दिन स्कूलों का निरीक्षण करेंगे।
इन स्कूलों की होगी मॉनिटरिंग
नामित अधिकारियों का विषय संयोजन इस तरह का होगा कि हर शैक्षणिक स्तर के सभी विषयों के अध्यापन एवं शैक्षणिक उपलब्धि का प्रभावी अनुश्रवण किया जा सके। इसके लिए राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी तय कार्यक्रमानुसार नामिका अनुश्रवण तिथि एवं प्रक्रिया की यथासमय तैयारी कर लेंगे एवं महानिदेशालय विद्यालयी शिक्षा कार्यालय से कार्यक्रम का अनुमोदन कराएंगे।
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शिक्षा महानिदेशक की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि अकादमिक वर्ष में प्रति विकासखंड के एक प्राथमिक, एक उच्च प्राथमिक, एक हाईस्कूल एवं एक इंटरमीडिएट स्तर के विद्यालय की मॉनिटरिंग की जाएगी। एक अशासकीय एवं एक मान्यता प्राप्त निजी स्कूल की भी मॉनिटरिंग की जाएगी।