ट्रांसफर रुकवाने आया विकलांग शिक्षक, असलियत जानकर उड़े सबके होश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रांसफर रुकवाने के लिए एक शिक्षक ने ऐसा काम किया जिससे सबके होश उड़ गए। विकलांग शिक्षक जब मंत्री के पास आया तो उसने अपनी सारी बातें कही। लेकिन इसके बाद जो हुआ उसे देखकर मंत्री भी हैरान रह गए।
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि बीतों दिनो विधान सभा स्थित कक्ष में तबादले के लिए एक टीचर व्हील चेयर में बैठकर आया, अपनी समस्या बताते हुए वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहा था, लेकिन जाते हुए वह व्हील चेयर छोड़कर पैदल चलने लगा और कुछ दूर जाकर कार में बैठकर चला गया। मंत्री ने कहा कि इस तरह का फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंत्री का कहना है कि पहाड़ एवं दूरदराज के स्कूलों में वर्षों से कार्यरत इन टीचरों को सुगम स्कूलों में लाया जाएगा। वही विधवा, परित्यक्ता, गंभीर बीमार एवं विकलांग टीचरों के अनुरोध के आधार पर तबादले होंगे। इसके अलावा इस शिक्षा सत्र में अन्य टीचरों के तबादले नहीं होंगे।
ट्रांसफर के लिए मूल निवास प्रमाण पत्र जरूरी
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने अपर मुख्य सचिव डा. रणवीर सिंह को इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा मंत्री ने विधान सभा स्थित अपने कक्ष में विभागीय अधिकारियों की बैठक में कहा कि दुर्गम स्कूलों में 15 साल एवं इससे अधिक वर्षों से कार्यरत स्कूलों के टीचरों को सुगम और अति सुगम स्कूलों में लाया जाएगा।
वही गंभीर बीमार और विकलांग टीचरों के भी इस सत्र में अनुरोध के आधार पर तबादले होंगे। यह तबादले केवल उन टीचरों के होंगे जिसके पास राज्य मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र हो।
उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रमाण पत्र में भी कई बार फर्जीवाड़ा सामने आता रहा है। कुछ टीचर मिलीभगत कर फर्जी मेडिकल प्रमाण पत्र बना लेते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। वह खुद मेडिकल कैंपों में जाकर इसका निरीक्षण करेंगे।