उत्तराखंड: बाघों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक, एनजीओ को नोटिस
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उत्तराखंड में बाघों की मौत के मामले में सीबीआई जांच के हाईकोर्ट के आदेश को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित कर दिया। एक एनजीओ (गैर सरकारी संगठन) ने याचिका दायर कर कहा था कि कार्बेट टाइगर रिजर्व सहित राज्य भर में बाघों के अवैध शिकार हुए हैं और उनमें वन अधिकारियों की मिलीभगत है।
जस्टिस आरएफ नरीमन और एसए नजीर की पीठ ने याचिकाकर्ता एनजीओ के खिलाफ नोटिस भी जारी किया है। इसी एनजीओ के आदेश पर 4 सितंबर को हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया था।
अपने आदेश में हाईकोर्ट ने पिछले पांच सालों में उत्तराखंड में अवैध शिकार के सभी मामलों की जांच करने और वन विभाग के अधिकारियों की भागीदारी का पता लगाने को भी कहा था।
हाईकोर्ट को बताया गया था कि पिछले नौ में से केवल छह बाघों की मौत प्राकृतिक तरीके से हुई जिसके बाद हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया। वहीं पिछले ढाई सालों में राज्य में 40 बाघों और 272 तेंदुओं की मौत हो चुकी है।
हाईकोर्ट के संज्ञान में यह भी लाया गया था कि धुलवा और धुमान्दा में पड़ने वाला 318.80 हेक्टेयर का क्षेत्र औपचारिक तौर पर कार्बेट टाइगर रिजर्व के तहत नहीं आता है। इसके बाद हाईकोर्ट ने इन इलाकों को एक महीने में कार्बेट टाइगर रिजर्व क्षेत्र में शामिल करने के लिए सभी प्रभावी कदम उठाने का आदेश दिया था।