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अब पिथौरागढ़ के 40 इंटर कॉलेजों में सेटेलाइट से होगी पढ़ाई
Thu, 12 Dec 2019 03:53 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
भक्त दर्शन पांडेय, अमर उजाला, पिथौरागढ़
भक्त दर्शन पांडेय, अमर उजाला, पिथौरागढ़
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 12 Dec 2019 03:53 PM IST
सार
- जहां गणित और विज्ञान के शिक्षक नहीं, वहां स्थापित की गई आईसीटी लैब
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
जिले के शिक्षक विहीन स्कूलों के छात्र-छात्राएं अब सेटेलाइट से पढ़ाई करेंगे। निजी स्कूलों को टक्कर देने और शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए 40 स्कूलों में आईसीटी (इंफारमेशन एंड कम्यूनिकेशन टेक्नालॉजी) लैब की स्थापना हो गई है। इन स्कूलों के विद्यार्थियों को सीधे लाइव टेलीकास्ट सेटेलाइट के माध्यम से पढ़ाया जाएगा।
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पिथौरागढ़ जिले में 215 सरकारी हाईस्कूल और इंटर कॉलेज हैं। इन स्कूलों में हाईस्कूल और इंटर कक्षाओं में लगभग 30 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्र के 60 फीसदी स्कूलों में गणित और विज्ञान के शिक्षक नहीं हैं। इसके चलते हर साल छात्र-छात्राओं को बिना पढ़ाई के ही परीक्षा में शामिल होना पड़ता है।
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अब सरकार ने सरकारी शिक्षा का स्तर सुधारने और निजी स्कूलों को टक्कर देने के लिए जिन स्कूलों में गणित, विज्ञान या अन्य विषय के शिक्षक नहीं हैं, उन स्कूलों में सेटेलाइट से बच्चों की क्लास चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत पहले चरण में प्रदेश के कुल 500 सरकारी इंटर कॉलेजों में यह सुविधा शुरू की जा रही है।
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पिथौरागढ़ जिले में धारचूला के दुर्गम में स्थित जीआईसी पांगू और मुनस्यारी के जीआईसी बांसबगढ़ सहित कुल 40 स्कूल शामिल किए गए हैं। शुरुआत में केवल हाईस्कूल के बच्चों की कक्षाएं चलेंगी। आईसीटी लैब स्थापित होने से छात्र-छात्राओं को स्कूल में शिक्षक का पद रिक्त होने की कमी नहीं खलेगी।
ऐसे चलेगी सेटेलाइट क्लास
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिन स्कूलों में आईसीटी क्लास शुरू की जा रही है उसका सीधा संबंध सेटेलाइट से होगा। इसका केंद्र देहरादून में स्थापित किया गया है। जहां पर संबंधित विषयों के शिक्षक क्लास रूम की तरह पढ़ाएंगे और दूर विद्यालयों के कक्षा-कक्ष में बैठे छात्र-छात्रा एलईडी टीवी पर सीधे लाइव टेलीकास्ट सेटेलाइट के माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे। आईसीटी लैब में बैठने वाले छात्र केवल गणित, विज्ञान ही नहीं बल्कि स्कूल में जिस विषय के शिक्षक नहीं हैं उस विषय की पढ़ाई कर सकेंगे।
जिले में आईसीटी के तहत सेटेलाइट कक्षाएं शुरू करने के लिए 40 विद्यालय चयनित किए गए हैं। इनमें सुगम और दुर्गम दोनों क्षेत्रों के विद्यालय शामिल हैं। अधिकांश विद्यालयों में उपकरण स्थापित किए जा चुके हैं। अभी केवल हाईस्कूल के बच्चों की पढ़ाई होगी। जिन स्कूलों में आईटीसी लैब स्थापित हुई है उनमें से मैंने कुछ का निरीक्षण किया। बच्चे सेटेलाइट के माध्यम से कक्षा कक्ष में पढ़ाई को लेकर काफी उत्साहित हैं। जिन स्कूलों में शिक्षकों के पद रिक्त हैं उनमें सेटेलाइट क्लास से बेहतर परिणाम मिलेगा।
- अशोक कुमार जुकरिया, सीईओ, पिथौरागढ़