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टाटपट्टी पर बैठकर बोर्ड एग्जाम देंगे हजारों परीक्षार्थी
आनंद नेगी/ अमर उजाला, बागेश्वर
Updated Wed, 12 Mar 2014 12:13 PM IST
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उत्तराखंड शिक्षा विभाग की लापरवाही का नतीजा इस बार भी बोर्ड परीक्षार्थियों को ही भुगतना पड़ेगा।
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27 मार्च से शुरू होने वाली हैं बोर्ड की परीक्षाएं
उत्तराखंड हाईस्कूल और इंटर बोर्ड की परीक्षाएं से 27 मार्च से शुरू होने वाली हैं, लेकिन कुमाऊं में करीब 100 परीक्षा केंद्रों में बैठने की व्यवस्था ही नहीं है।
नतीजतन, करियर की दहलीज पर कदम रखने वाले करीब 25 हजार परीक्षार्थियों को टाट-पट्टी पर बैठकर ही पेपर देने होंगे। हद तो यह है कि फर्नीचर के लिए कई केंद्रों को धनराशि भी जारी हो चुकी है, फिर भी फर्नीचर नहीं खरीदे गए हैं।
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ऐसे में कैसे संवरेगा इनका भविष्य, ये सरकारें कब सोचेंगी। कुमाऊं के छह जिलों में से पर्वतीय जिलों के केंद्रों की हालत बदतर है। उनमें भी सबसे ज्यादा खराब स्थिति पिथौरागढ़ जिले की है।
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जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए बनाए गए 93 परीक्षा केंद्रों में से 32 केंद्र ऐसे हैं जिनमें इंटर और हाईस्कूल के 18209 परीक्षार्थियों को जमीन में बैठकर परीक्षा देनी होगी। इस केंद्रों में फर्नीचर उपलब्ध नहीं है।
32 परीक्षा केंद्रों में मेज, कुर्सी उपलब्ध नहीं
धारचूला और मुनस्यारी के 25 स्कूलों को विधायक हरीश धामी ने फर्नीचर के लिए पैसा तो उपलब्ध करा दिया है, लेकिन अभी फर्नीचर खरीदने में समय लगेगा।
मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. मुकुल कुमार सती ने बताया कि 32 परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थियों के बैठने के लिए मेज और कुर्सी उपलब्ध नहीं है। वहां पर दरी और चटाई की व्यवस्था की जा रही है।
जिन स्कूलों को फर्नीचर खरीदने के धन मिला है वह 27 मार्च तक इसकी व्यवस्था कर पाने की स्थिति में नहीं हैं। यही हाल बागेश्वर जिले का है। जहां 53 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन इनमें से 20 केंद्रों पर फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है।
परीक्षार्थियों की कुल संख्या 10529
जिले में हाईस्कूल और इंटर के सभी परीक्षार्थियों की कुल संख्या 10529 है। इनमें से लगभग पांच हजार छात्र-छात्राओं को टाट पट्टी पर बैठकर परीक्षा देनी होगी।
चंपावत जिले के परीक्षा केंद्रों पर फर्नीचर की भारी कमी है। करीब 40 प्रतिशत परीक्षार्थी कुर्सी के बजाय जमीन पर बैठकर इम्तिहान देंगे।
बोर्ड के 8894 परीक्षार्थियों में से करीब 3100 के लिए कुर्सी का प्रबंध नहीं है, जबकि जमीन के बजाय कुर्सी-मेज पर लिखने वालों को सुविधा के साथ गति का लाभ होता है।
अल्मोड़ा जिले में बनाए गए 154 केंद्रों में से करीब तीन दर्जन स्कूल ऐसे हैं, जहां परीक्षार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर नहीं हैं। ऊधमसिंह नगर जिले में 97 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन करीब 15 परीक्षा केंद्रों में फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है।
नैनीताल जिले में भी कई परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त फर्नीचर नहीं है। सबसे बुरी स्थिति मैदानी क्षेत्र के हल्द्वानी ब्लाक के बड़े परीक्षा केंद्रों की है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार भोज का दावा है कि जिन परीक्षा केंद्रों पर फर्नीचर की कमी है, वहां आसपास के विद्यालयों से फर्नीचर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।