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रुड़कीः 50 साल बाद भी जस की तस है सड़क
मुकेश शर्मा/ अमर उजाला, मंगलौर (रुड़की)
Updated Thu, 18 Jun 2015 01:00 PM IST
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इस समय जहां सड़कों और पुलों के निर्माण की गुणवत्ता पर तमाम तरह के सवाल उठते हैं, वहीं रुड़की के मुख्य बाजार की करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी एक सड़क ऐसी भी है, जो 50 साल से जस की तस है।
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सड़क को वर्ष 1964 में बनाया गया था तबसे इस सड़क की मरम्मत तक की जरूरत महसूस नहीं हुई। हैदरी चौक से पुरानी सब्जी मंडी तक बनी इस सड़क की मजबूती की मिसाल अभी तक लोग दे रहे हैं। इस समय पेयजल लाइन बिछाने केलिए सड़क केएक हिस्से को तोड़ने में मजदूरों को हथौड़े संग कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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बुजुर्ग राजेंद्र वर्मा के अनुसार इस सड़क के निर्माण में गोल बजरी और सीमेंट का इस्तेमाल किया गया था। हैदरी चौक से पुरानी सब्जी मंडी तक बनी इस सड़क की मजबूती की मिसाल अभी तक लोग दे रहे हैं। बुजुर्ग शफक्कत अली उर्फ कल्लू ठेकेदार बताते हैं कि तब ईमानदारी का जमाना था, आज की तरह भ्रष्टाचार का बोलबाला नहीं था।
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यही वजह है कि यह सड़क इतनी मजबूत बन पाई। आजकल बनने वाली सीसी (कंक्रीट-सीमेंट) सड़कें निर्माण के कुछ ही समय बाद टूटनी शुरू हो जाती हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत भी सड़कों की गुणवत्ता को लेकर भी नाराजगी जता चुके हैं। लेकिन नगर के मुख्य बाजार की सीसी सड़क इसका अपवाद है।
पालिका अध्यक्ष बाबू हमीद और पालिका उपाध्यक्ष रतन लाल जैन ने अपनी देखरेख में इस सड़क का निर्माण कराया था। जैन गली की सड़क भी इसी के साथ बनाई गई थी। यह सड़क भी अभी तक ठीक हालत में है।
नहीं कराने दिया दोबारा निर्माण
कई बार सरकारी विभागों के लोग इस सड़क को फिर से बनवाने के लिए प्रस्ताव लेकर आए। नगर पालिका ने भी कई बार इसे नए प्रस्तावों में शामिल किया, लेकिन लोगों ने इसकी गुणवत्ता की मिसाल देते हुए नए सिरे से बनवाने नहीं दिया।
‘नगर पालिका की ओर से हाल ही में जो सड़कें बनाई गईं उन सब में गुणवत्ता का मानक इस सड़क को बनाया गया है।’
- चौधरी इस्लाम, पालिकाध्यक्ष
‘सीसी सड़क की उपयोग अवधि पांच साल मानी जाती है। ऐसे में इस सड़क को देखकर लगता है कि वाकई इसकी गुणवत्ता बेमिसाल है।’
- जगदीश प्यारेलाल, अवर अभियंता, नगर पालिका