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ऐं! हड़ताल से बाहर, फिर भी कटा वेतन
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 28 Oct 2013 05:11 PM IST
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की हड़ताल में शामिल न होने के बावजूद वन विभाग के कई कर्मचारियों की तनख्वाह काट दी गई हे। इससे कर्मचारियों में खासी नाराजगी है। उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की है।
वन विभाग के कई कर्मचारी पहले दिन से हड़ताल में शामिल हैं। वे हर रोज फील्ड या कार्यालय के बजाय परेड ग्राउंड स्थित धरनास्थल पर जा रहे हैं। लेकिन, कई कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हो रहे हैं।
वे दफ्तरों में काम निपटा रहे हैं। शासन के निर्देश के बाद विभाग ने हड़ताली कर्मियों को तो पूरी तनख्वाह दे दी, लेकिन कामगारों का वेतन काट लिया है। इन कर्मचारियों का कहना है कि कुछ अधिकारियों की लापरवाही से यह स्थिति बनी है।
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उधर, डीएफओ सुशांत पटनायक ने बताया कि ऐसी शिकायतें मिली हैं। कहा कि वेतन रेंजरों की रिपोर्ट के आधार पर बनाया गया है। अगर किसी ने गलत रिपोर्ट दी है, तो उसका खामियाजा भी संबंधित रेंजर को ही भुगतना होगा।
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वन विभाग के कई कर्मचारी पहले दिन से हड़ताल में शामिल हैं। वे हर रोज फील्ड या कार्यालय के बजाय परेड ग्राउंड स्थित धरनास्थल पर जा रहे हैं। लेकिन, कई कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हो रहे हैं।
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वे दफ्तरों में काम निपटा रहे हैं। शासन के निर्देश के बाद विभाग ने हड़ताली कर्मियों को तो पूरी तनख्वाह दे दी, लेकिन कामगारों का वेतन काट लिया है। इन कर्मचारियों का कहना है कि कुछ अधिकारियों की लापरवाही से यह स्थिति बनी है।
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उधर, डीएफओ सुशांत पटनायक ने बताया कि ऐसी शिकायतें मिली हैं। कहा कि वेतन रेंजरों की रिपोर्ट के आधार पर बनाया गया है। अगर किसी ने गलत रिपोर्ट दी है, तो उसका खामियाजा भी संबंधित रेंजर को ही भुगतना होगा।