फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Street children policy is ready thousands of children will now be rehabilitated Uttarakhand News in hindi

Uttarakhand News: स्ट्रीट चिल्ड्रेन पॉलिसी बनकर तैयार, हजारों बच्चों का होगा अब पुनर्वास

Tue, 30 Jul 2024 12:01 PM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Tue, 30 Jul 2024 12:01 PM IST
सार

स्ट्रीट चिल्ड्रेन पॉलिसी बनकर तैयार हो गई है। हजारों बच्चों का अब पुनर्वास होगा। दून, हरिद्वार, यूएस नगर और नैनीताल में सबसे अधिक सड़क में रहने वाले बच्चे मिले है।

विज्ञापन
Street children policy is ready thousands of children will now be rehabilitated Uttarakhand News in hindi
सीएम धामी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश की स्ट्रीट चिल्ड्रेन पॉलिसी बनकर तैयार है, जो मंजूरी के लिए आगामी अगस्त माह में कैबिनेट में आ सकती है। पहली बार बनाई जा रही इस नीति को मंजूरी मिली तो प्रदेश के लगभग 10 हजार सड़क पर गुजारा करने वाले बच्चों का पुनर्वास होगा।

विज्ञापन

एक सर्वे में विभाग को देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले में सड़क पर रहने वाले ऐसे करीब 10 हजार बच्चे मिले हैं। हालांकि, कुछ अन्य जिलों में भी इस तरह के बच्चे हैं, जो गिनती के हैं। महिला कल्याण निदेशालय ने प्रदेश में स्ट्रीट चिल्ड्रेन पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसे मंजूरी के लिए विधायी में भेज भी दिया गया है। हालांकि, विधायी ने इसे कुछ भाषायी संशोधन के लिए विभाग को वापस कर दिया है।

विज्ञापन

नीति बनने में हुई कुछ लेटलतीफी
इस टिप्पणी के साथ कि अब भाषा को सरल करने के साथ भाषायी गल्तियों को दुरुस्त कर दोबारा दें। उधर, इस बाबत विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद हर राज्य में सड़क पर रहने वाले बच्चों के पुनर्वास के लिए यह नीति बननी है। प्रदेश में यह नीति बनने में कुछ लेटलतीफी हुई है। इसकी वजह अफसर लोकसभा चुनाव को इसकी वजह बता रहे हैं। लेकिन, नीति को लेकर अब सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नीति बनाने से पहले सभी जिलों में इस तरह के बच्चों का सर्वे कर लिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

नीति में बच्चों के लिए ये है व्यवस्था

बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा।

इस तरह के बच्चों के लिए आवास की व्यवस्था की जाएगी।

बच्चों को रोजगार से जोड़ा जाएगा।

इस तरह के बच्चों के माता-पिता के खिलाफ कार्रवाई होगी।

राज्य के बाहर के बच्चे हैं तो उनके माता पिता से संपर्क कर उन्हें वापस भेजा जाएगा।

किसी बच्चे के उत्पीड़न का मामला सामने आया तो मामले में कार्रवाई होगी।

बच्चों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की जाएगी।

ये भी पढ़ें...Amar Ujala Samvad: देहरादून में चार अगस्त को जुटेंगी देश की नामचीन हस्तियां, उत्तराखंड के विकास पर होगा मंथन

सड़क पर रहने वाले बच्चों के लिए जल्द ही पुनर्वास नीति लेकर आ रहे हैं। विभाग के सर्वे में इन बच्चों की जो संख्या मिली है, उसका सत्यापन किया जा रहा है। - प्रशांत आर्या, निदेशक महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed