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केंद्र की तरह उत्तराखंड भी युवाओं को देगा स्टार्ट अप
संजय त्रिपाठी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 01 Jul 2016 10:00 AM IST
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केंद्र सरकार की तर्ज पर उत्तराखंड सरकार भी युवाओं के लिए स्टार्ट अप कांस्पेक्ट लाने जा रही है। इसके लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) विभाग ने पॉलिसी का विस्तृत ड्राफ्ट तैयार किया है।
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इसके तहत सूचना एवं तकनीकि क्षेत्र में खुद के बूते अपना भविष्य बनाने वाले युवाओं को तमाम प्रकार से प्रोत्साहित किया जाएगा। पॉलिसी को वित्त विभाग की सहमति के लिए भेजा जा चुका है, जहां से अनुमति मिलने के बाद कैबिनेट से एप्रूवल दिया जाएगा।
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करीब छह माह पूर्व भारत सरकार ने स्टार्ट अप योजना को आरंभ किया था, जिसमें अपने विचारों को हकीकत में तब्दील करने के लिए प्रोत्साहन दिए जाने की बात है। कुछ इसी तरह उत्तराखंड के एमएसएमई विभाग ने भी अपनी स्टार्ट अप पॉलिसी तैयारी की है। इसमें कृषि, स्वास्थ्य, टूरिज्म, ई-कॉमर्स, एजूकेशन, नैनो टेक्नालॉजी, फूड प्रोसेसिंग, ट्रांसपोर्टेशन, वेस्ट मैनेजमेंट समेत 21 क्षेत्रों में सूचना तकनीकि विकसित करने की इच्छा रखने वालों को शामिल किया जाएगा।
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इसके पीछे देश की नामी आईटी कंपनियों को उत्तराखंड में निवेश के लिए आकर्षित करना है, जो नए आइडियाज को धरातल पर उतारने से आएगा। इस संबंध में बनाई गई पॉलिसी के लागू होने के पहले वर्ष में कम से कम दो-तीन टेक्नालॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर बनाए जाएंगे, जिनसे स्टार्ट अप योजना में शामिल होने वाले युवाओं को तकनीकि सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही राज्य स्तरीय इन्टरपेन्योर डेवलपमेंट काउंसिल की स्थापना भी की जाएगी।
यही नहीं काशीपुर में 50 एकड़ भूमि पर नॉलेज ट्रेनिंग स्किल डेलपमेंट और इन्टरपेन्योरशिप पार्क के लिए जगह भी चिह्नित कर ली गई है। इसमें कॉमन टेस्ट लैब, कांफ्रेंस रूम, हॉस्टल और रिहाइशी इलाका भी विकसित किया जाएगा। इस योजना के तहत उद्यम स्थापित करने वालों को भूमि खरीद पर छूट देने के अलावा रजिस्ट्री कराने पर स्टांप शुल्क में भी छूट दी जाएगी।
साथ ही तमाम प्रकार के करों में भी रियायत प्रदान की जाएगी। स्टार्ट अप योजना में हिस्सा बनने पर प्राथमिकता के आधार पर लोन देने के अलावा ब्याज दरों पर भी छूट दी जाएगी। फिलहाल इस पॉलिसी का ड्राफ्ट वित्त विभाग को भेजा गया है, जहां से सहमति मिलने के बाद कैबिनेट से पास कराया जाएगा।
युवाओं को स्वउद्यमिता के लिए प्रेरित करने के मकसद से उत्तराखंड में स्टार्ट अप पॉलिसी तैयार की गई है। इसके तहत उद्यम स्थापित करने पर तमाम प्रकार के लाभ, छूट और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। वित्त विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद कैबिनेट से एप्रूव कराया जाएगा।
- मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव (एमएसएमई) विभाग