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एसएसबी कमांडेंट बने फरिश्ता, हरिद्वार अर्द्धकुंभ में तीन साल पहले बिछुड़े युवक को परिजनों से मिलवाया
Tue, 13 Aug 2019 10:44 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 13 Aug 2019 10:44 AM IST
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अशोक (नीली शर्ट में)
- फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार अर्द्धकुंभ में बिछड़ा युवक तीन साल बाद आपने परिजनों से मिला। एसएसबी सीटीसी के अधिकारियों की वजह से युवक अपने परिजनों से मिल पाया। एसएसबी के सामने दुकानों के समीप पिछले तीन साल से एक युवक रह रहा था। उक्त युवक ना तो साफ बोल पाता था और ना ही अपने बारे कुछ पाता था।
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एसएसबी के चिकित्सक कमांडेंट विनय अग्रवाल की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने चंडीगढ़ के व्हाट्सअप ग्रुप (केदारनाथ आपदा से संबंधित) में उसकी फोटो अपलोड करने के साथ ही उसके हाथ पर गुदा हुआ अशोक पुत्र बाबूलाल टीकमगढ़ की जानकारी की मदद से परिवार को ढूंढने की पहल की। इसके बाद टीकमगढ़ पुलिस ने खरगापुर निवासी बाबूलाल को खोज निकाला। पता चला कि बाबूलाल का बेटा अशोक आहिरवार 8 फरवरी 2016 से हर की पौड़ी में अपने परिजनों से बिछुड़ गया था।
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उन्होंने हरिद्वार में उसकी गुमशुदगी भी दर्ज करायी थी। सोमवार को बाबूलाल और उनके बड़े बेटे सीताराम ने यहां पहुंचकर डा. अग्रवाल से संपर्क किया। डा.अग्रवाल, एसआई कृष्णकांत और अनिल जयंत सहित स्थानीय लोगों ने युवक को दोनों से मिलाया। युवक अपने पिता को देखते ही गले लग गया। पुष्टि के लिए लोगों ने जब अशोक से पिता और भाई के बारे में पूछा, तो उसने दोनों की ओर इशारा किया।
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