Uttarakhand: पांच साल से श्रीदेव सुमन विवि के कॉलेजों को नहीं मिला संबद्धता का पत्र, इस साल भी रहेगा इंतजार
श्रीदेव सुमन विवि के करीब 200 कॉलेजों को पांच साल से राजभवन ने संबद्धता नहीं दी है। कॉलेजों को अगर समय से संबद्धता न मिली तो यहां पढ़ने वाले हजारों छात्र इस साल भी छात्रवृत्ति से वंचित रह जाएंगे। पिछले साल की तरह इस साल भी समाज कल्याण विभाग इसके लिए कॉलेज व विवि को तीन बार पत्र भेज चुका है।
विस्तार
श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों को पिछले पांच साल से राजभवन से संबद्धता का पत्र ही नहीं मिला है। नतीजतन कॉलेज दाखिले तो ले रहे हैं, लेकिन पत्र जारी न होने पर छात्र मुसीबत में फंस सकते हैं।
श्रीदेव सुमन विवि के कॉलेजों की संबद्धता नवीनीकरण के लिए हर साल हर कोर्स के लिए विवि आवेदन मांगता है। इसके बाद समिति बनाकर कॉलेजों का निरीक्षण कराया जाता है। निरीक्षण के बाद इनकी फाइल राजभवन को भेज दी जाती है, जहां से विवि के कुलाधिपति (राज्यपाल) की ओर से संबद्धता का पत्र जारी किया जाता है।
हैरत है कि श्रीदेव सुमन विवि के करीब 200 कॉलेजों को पांच साल से राजभवन ने संबद्धता नहीं दी है। आखिरी बार सत्र 2018-19 के लिए राजभवन ने पत्र जारी किए थे। इसके बाद सत्र 2019-20, 2020-21, 2021-22, 2022-23 और अब 2023-24 के लिए राजभवन से संबद्धता के पत्र जारी ही नहीं हुए हैं।
बावजूद इसके विवि इनकी परीक्षाएं करा रहा है। रिजल्ट भी जारी कर रहा, लेकिन विधिक तौर पर संबद्धता न होने पर छात्र कभी भी मुसीबत में पड़ सकते हैं। इस साल भी बीएड सहित सभी कॉलेजों को संबद्धता का इंतजार है।
संबद्धता पत्र न मिला तो इस साल भी नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति
कॉलेजों को अगर समय से संबद्धता न मिली तो यहां पढ़ने वाले हजारों छात्र इस साल भी छात्रवृत्ति से वंचित रह जाएंगे। पिछले साल की तरह इस साल भी समाज कल्याण विभाग इसके लिए कॉलेज व विवि को तीन बार पत्र भेज चुका है। उधर, संबद्धता पत्र न आने से कॉलेज संचालकों की धड़कनें भी बढ़ी हुई हैं। पिछले साल राज्य के करीब 12 हजार छात्र इसलिए छात्रवृत्ति से वंचित रह गए थे, क्योंकि उनके कॉलेजों की संबद्धता का पत्र नहीं था। विवि ने इसके लिए विशेष पत्र भी समाज कल्याण विभाग को भेजा था, लेकिन विभाग ने इसे मानने से इन्कार कर दिया था। इस साल समाज कल्याण विभाग जून माह से लगातार पत्र भेज रहा है। अफसरोंं के स्पष्ट निर्देश हैं कि समाज कल्याण व जनजाति कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति का लाभ उन्हीं कॉलेजों के छात्रों को मिल सकेगा, जिनके पास मान्यता और संबद्धता के पत्र होंगे। ऐसे कॉलेजों को तत्काल समाज कल्याण विभाग को ई-मेल से दोनों पत्र भेजने हैं। विभाग ने इसके लिए पहला पत्र आठ जून को भेजा था। इसके बाद 26 जुलाई और अब चार अगस्त को फिर पत्र भेजा है।
दाखिले रोकने के विरोध में उतरे बीएड कॉलेज, बोले-उनका क्या दोष
श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति की ओर से संबद्धता का पत्र न होने पर बीएड कॉलेजों में दाखिले के रोक संबंधी आदेश पर एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट विरोध में उतर आई है। एसो. अध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि संबद्धता पत्र जारी न होने का दोष कॉलेजों का नहीं है। इससे कॉलेज व उनमें पढ़ने वाले छात्र क्यों प्रभावित हों। डॉ. अग्रवाल ने कहा, श्रीदेव सुमन विवि अपने विषय विशेषज्ञों की टीम कॉलेजों में निरीक्षण के लिए भेजता है। निरीक्षण टीम के संतुष्ट होने के बाद विवि की ओर से फाइल अनुमोदन के लिए राजभवन को भेजी जाती है। किसी भी सत्र के लिए संबद्धता की प्रक्रिया मई में होनी चाहिए। अगर विवि या राजभवन के स्तर से संबद्धता पत्र न आने पर सत्र लेट होता है तो इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ेगा। कहा, सबकी जिम्मेदारी छात्रों का सत्र लेट होने से बचाने की है, इसलिए विवि कोई ऐसा काम न उठाए, जिससे अनावश्यक देरी हो। उन्होंने मांग की कि विवि इस दिशा में अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे, ताकि छात्रों का भविष्य बर्बाद न हो।
कुलपति ने कहा, नए कॉलेजों को दाखिले से रोका
तीन दिन पहले संबद्धता का पत्र न होने पर 33 बीएड कॉलेजों में दाखिले रोकने वाले श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति ने मंगलवार को दोबारा बैठक बुलाई। उन्होंने कॉलेजों को आश्वस्त किया और कहा, यह नियम केवल नए कॉलेजों पर लागू होगा। दरअसल, तीन दिन पहले कुलपति डॉ. एनके जोशी ने वर्चुअल बैठक में निर्देश दिए थे कि जिन कॉलेजों के पास बीएड संबद्धता प्रमाणपत्र नहीं होगा, उनमें सीटें आवंटित नहीं की जाएंगी। मंगलवार को अमर उजाला में खबर छपने के बाद कॉलेजों से लेकर विवि तक हड़कंप मच गया। कॉलेजों से चौतरफा दबाव बढ़ा तो विवि कुलपति ने मंगलवार को अचानक वर्चुअल बैठक बुला ली। बैठक में सभी पुराने बीएड कॉलेजों को इस सत्र में दाखिले के लिए आश्वस्त करते हुए कुलपति ने कहा, यह नियम नए कॉलेजों के लिए लागू होगा।
बीएड प्रवेश परीक्षा परिणाम जारी
उधर, बीएड दाखिलों पर विवाद के बीच मंगलवार को प्रवेश परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया। कुलपति डॉ. एनके जोशी ने बताया, रिजल्ट के हिसाब से जल्द ही काउंसिलिंग का शेड्यूल जारी किया जाएगा। कहा, उनका मकसद शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। छात्रों का नुकसान करना नहीं है।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand Weather News: मनहूस सुबह...उत्तराखंड में बारिश बनी काल, मलबे में दफन हुईं जिंदगी, हर तरफ चीख-पुकार
बीएड कॉलेजों से शपथपत्र पर मांगी फैकल्टी की जानकारी
श्रीदेव सुमन विवि ने सभी बीएड कॉलेजों से फैकल्टी को लेकर अहम जानकारी मांगी है। साथ ही कॉलेजों को 55 हजार रुपये रिन्यूअल शुल्क जमा कराने के निर्देश दिए हैं। विवि की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, बीएड कॉलेजों को इस आशय का शपथपत्र देना होगा कि उनके यहां जो फैकल्टी सेवाएं दे रही है, वह किसी अन्य विवि या कॉलेज में कार्यरत नहीं हैं। साथ ही फैकल्टी का पिछले तीन साल का फॉर्म-16, आधार कार्ड, बैंक खाता व वेतन स्लिप भी भेजनी होगी। कॉलेजों को बीएड के रिन्यूअल शुल्क 55 हजार रुपये जमा कराने को भी कहा गया है। मंगलवार तक का समय दिया गया था, जिसके तहत करीब 10 कॉलेजों ने ही अपनी जानकारी भेजी है। बाकी कॉलेजों को अभी एक मौका और दिया जाएगा।