नए साल से प्रदेश में बनेंगे स्मार्ट राशन कार्ड, तीन कंपनियों को दिया गया बनाने काम
- 60 प्रतिशत राशन कार्डों का आधार नंबर से सत्यापन
- प्रदेश में 23 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के बनाए जाएंगे स्मार्ट कार्ड
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एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना के तहत प्रदेश में सस्ता राशन वितरण करने के लिए नए साल से स्मार्ट राशन कार्ड बनाने का काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर तीन कंपनियों को स्मार्ट कार्ड बनाने का काम सौंप दिया है। सबसे पहले उन उपभोक्ताओं के स्मार्ट कार्ड बनाए जाएंगे। जिनके राशन कार्ड आधार से सत्यापन हो चुका है। केंद्र से प्रदेश के 60 प्रतिशत राशन कार्डों का आधार सत्यापन किया गया है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी व सुदृढ़ बनाने के लिए केंद्र सरकार एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना को जून 2020 से लागू करने की तैयारी में है। इसके बाद कोई भी कार्डधारक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत पोर्टेबिलिटी हासिल करके किसी भी राज्य की दुकान से राशन खरीद सकेगा। इससे वितरण प्रणाली में पारदर्शिता के साथ ही सुदृढ़ होगी।
इस क्रम में प्रदेश सरकार ने प्रदेश में राशन कार्डधारकों के राशन कार्ड स्मार्ट बनाने का निर्णय लिया था। जिसके तहत खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने तीन कंपनियों को स्मार्ट कार्ड बनाने का काम सौंपा है। यह कंपनियां जल्द ही अपना काम शुरू करेंगी।
दस अंकों का क्यूआर कोड होगा
इन स्मार्ट राशन कार्डों पर दस अंकों का क्यूआर कोड होगा। इस कोड के आधार पर सस्ते गल्ले की दुकानों से राशन लेने वाले उपभोक्ताओं का डाटा ऑनलाइन उपलब्ध होगा। वहीं, उपभोक्ताओं को भी यह सुविधा रहेगी कि वह स्मार्ट कार्ड से किसी भी सस्ते गल्ले की दुकान से प्रति माह मिलने वाला राशन ले सकता है।
वर्तमान राशन कार्ड पर यह सुविधा नहीं है। ऐसे में विभाग को यह पता नहीं लग सकेगा कि पात्र कार्ड धारक ने सस्ता राशन लिया है या नहीं। बता दें कि प्रदेश के 9200 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के माध्यम से 23 लाख से अधिक राशन कार्ड धारकों को प्रत्येक महीने सस्ता राशन दिया जाता है।
स्मार्ट राशन कार्ड बनाने के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर तीन कंपनियों को काम सौंपा गया है। नए साल से प्रदेश में स्मार्ट बनाने का काम शुरू हो जाएगा। स्मार्ट कार्ड से राशन वितरण में पारदर्शिता आएगी और पात्र कार्ड धारक किसी भी सस्ते गल्ले की दुकान से राशन ले सकता है।
- सुशील कुमार, सचिव, खाद्य आपूर्ति विभाग