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Dehradun News: राज्य गठन से अब तक वन्य जीव हमलों में 1296 लोगों की मौत

Tue, 10 Mar 2026 07:04 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 10 Mar 2026 07:04 PM IST
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Since the formation of the state, 1296 people have died in wildlife attacks
-भालू के घर तोड़ने पर भी प्रभावितों को दिया जा रहा मुआवजा
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-हमले में मृतक के परिवारों में नौकरी देने का प्रावधान नहीं : वन मंत्री
अमर उजाला ब्यूरो
भराड़ीसैंण। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद से अब तक वन्य जीवों के हमले में 1296 लोगों की मौत हुई है। जबकि 6624 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। भालू के घर तोड़ने पर सरकार प्रभावित परिवारों को मुआवजा दे रही है।
सोमवार को वन मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा विधायक बृजभूषण गैरोला के प्रश्न पर सदन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानव-वन्य जीव संघर्ष को रोकने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रभावित क्षेत्रों में वन कर्मचारियों की ओर से गश्त की जा रही है। इसके अलावा क्विक रिस्पांस टीम का गठन किया गया। आबादी वाले क्षेत्रों में वन्य जीवों के आवाजाही रोकने के लिए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में संशोधन कर पिंजरा लगाने व ट्रेंक्यूलाइज किया जा रहा है। वनों से सटे गांवों में बायोफैसिंग तकनीक व हैबिटेट मैनेजमेंट की कार्रवाई की जा रही है।
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कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने सवाल किया पिथौरागढ़ के दारमा व अन्य क्षेत्रों में भालू घरों को क्षतिग्रस्त कर रहा है। इस पर सरकार को प्रभावितों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। इस पर वन मंत्री ने कहा, पहले भालू के घरों को नुकसान पहुंचाने पर मुआवजा का प्रावधान नहीं था। लेकिन अब सरकार की ओर से इसका मुआवजा दिया जा रहा है। वन्य जीव हमले में मृतक पहले चार लाख मुआवजा दिया जाता था। इसे बढ़ा कर छह लाख और उसके बाद 10 लाख किया गया।
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बीते वर्ष वनाग्नि से 1771.66 हेक्टेयर प्रभावित, 13 की मौत
वन मंत्री ने प्रदेश में वनग्नि की घटनाएं एक बड़ी चुनौती है। भाजपा विधायक सुरेश गढि़या के प्रश्न पर वन मंत्री ने कहा, 2024 में प्रदेश में वनाग्नि की 1276 की घटनाएं हुई है। वनाग्नि से 13 लोगों को मौत हुई है। सरकार की ओर से वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए शरारती तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। आग लगने का मुख्य कारण लापरवाही है। सरकार ने फायर वाचर तैनात करने के साथ ही ग्राम पंचायतों कमेटियों का गठन किया है।
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