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Badrinath-Kedarnath: मंदिर समिति के व्यवस्थापक निलंबित, वित्तीय अनियमितता और अनुशासनहीनता समेत लगे कई आरोप
Wed, 21 Dec 2022 10:23 AM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Wed, 21 Dec 2022 10:23 AM IST
सार
मंदिर समिति के उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में जांच के लिए एक संयुक्त जांच समिति गठित की गई थी। जांच में जिसमें वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया। इसके अलावा समिति के व्यवस्थापक राकेश सेमवाल पर कई तरह के आरोप लगे।
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बदरीनाथ केदारनाथ
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के व्यवस्थापक राकेश सेमवाल को वित्तीय अनियमितता और अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह की ओर से इस बाबत आदेश जारी किया गया।
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आदेश में कहा गया कि सेमवाल ने गंगोत्री, यमुनोत्री में प्रभारी अधिकारी रहने के दौरान वित्तीय अनियमितता की है। मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय के निर्देश पर समिति के उपाध्यक्ष किशोर सिंह पंवार की अध्यक्षता में जांच के लिए एक संयुक्त जांच समिति गठित की गई थी।
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समिति में मंदिर समिति के सदस्य भाष्कर डिमरी, जिला महाप्रबंधक उद्योग उत्तरकाशी शैली डबराल, कोषाधिकारी ऋषिकेश एवं एनआईसी के तीन तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे। मंदिर समिति के अध्यक्ष ने कहा कि समिति की जांच में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया।
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कहा कि इसके अलावा सेमवाल का पूर्व में देहरादून से पीपलकोटी विश्राम गृह में प्रबंधक के पद पर तबादला करने के बाद उन्होंने काफी समय तक पदभार ग्रहण नहीं किया। इस पर उनका वेतन रोका गया तो वे पदभार ग्रहण करने के बाद बिना मंजूरी के छुट्टी पर चले गए। कहा कि सेमवाल की ओर से खुद को विशेष कार्याधिकारी भी लिखा जा रहा था। इस पर उन्हें निलंबित कर विद्यापीठ गुप्तकाशी से संबद्ध किया गया है।