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एमडीडीए के नए प्लान के विरोध में दुकानें बंद
अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 10 Oct 2013 01:52 PM IST
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राजधानी देहरादून में चकराता रोड के पीपीपी मोड पर विकास के मामले में व्यापारियों ने विरोध जताया।
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गुरुवार को व्यापारियों ने घंटाघर से प्रभात टॉकिज तक दुकानें बंद रखीं। इस प्लान के खिलाफ शशिकांत गोयल की अध्यक्षता में व्यापारियों ने घंटाघर पर विरोध प्रदर्शन किया।
हाईकोर्ट ने मांगा है शपथ पत्र
चकराता रोड के पीपीपी मोड पर विकास के मामले में हाई कोर्ट ने प्रदेश शासन से 24 अक्तूबर तक शपथ पत्र देने के लिए कहा है। इसके साथ ही इस योजना पर शासनादेश जारी करने की भी हिदायत की है।
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इस मामले से संबंधित सारे कागजात एमडीडीए ने चार अक्तूबर को शासन को सौंप दिए थे। मामले में चकराता रोड के नजूल और फ्री-होल्ड भूमि वाले व्यापारी दो धड़े में बंट गए हैं। नजूल वालों ने गुरुवार को बाजार बंदी की धमकी दी थी।
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शासन को दिए कागजात
एमडीडीए उपाध्यक्ष आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि सारे कागजात शासन को दे दिए हैं। शासन को अधिग्रहण प्रस्ताव को मंजूरी देना है। इसके बाद नजूल और फ्री-होल्ड भूमि पर प्राधिकरण का कब्जा हो जाएगा। इस मसले पर कोर्ट का आदेश आने के बाद चकराता रोड के व्यापारियों में चर्चा शुरु हो गई है।
नजूल और फ्री-होल्ड भूमि वाले व्यापारियों ने अलग-अलग बैठक बुलाई थी। नजूल व्यापारियों ने गुरुवार को बाजार बंदी की घोषणा की थी। लेकिन फ्री-होल्ड भूमि वाले व्यापारी बाजार बंदी के निर्णय से सहमत नहीं हैं।
नजूल व्यापारी नेता राजेश गोयल ने बताया कि घंटाघर से प्रभात टॉकीज तक का हिस्सा अधिग्रहित किए जाने की बात चल रही है।
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