गजब! जनता मिलन कार्यक्रम से ही 'जनता' गायब, जानिए फिर क्या हुआ
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यह हैरानी की ही बात है कि जिनके लिए इतना बड़ा कार्यक्रम रखा गया वे लोग ही वहां नहीं पहुंचे। जानिए क्या हुआ इसके बाद...
राज्यमंत्री रेखा आर्या शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में थीं, लेकिन जनता के कहीं दर्शन नहीं हुए। जनता मिलन कार्यक्रम में ये लगातार तीसरा मौका था, ‘सरकार’ हाजिर थी, लेकिन जनता जनार्दन गैरहाजिर।
इससे पहले, यशपाल आर्य आए, तो 23 शिकायतें आईं। सुबोध उनियाल आए, तो 15 शिकायतें दर्ज हुईं। शनिवार को रेखा आर्या आईं, तो पांच शिकायतकर्ता भी नहीं मिले। सरकार और संगठन का महत्वाकांक्षी जनता मिलन कार्यक्रम के इस हाल ने इसके औचित्य पर सवाल खडे़ कर दिए हैं। चुनाव ड्यूटी में मंत्रियों की व्यस्तता के बाद जनता मिलन कार्यक्रम ऐसे पटरी से उतरा, कि जो मंत्री अब कार्यालय आ रहा है, उसे असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा हैं।
इन स्थितियों के बीच, जनता मिलन कार्यक्रम में लोगों के न जुटने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने अजीबोगरीब तर्क दिया। भट्ट ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण तेजी से हो रहा है, इसलिए लोग कम आ रहे हैं।
एक दिन ऐसा भी आएगा, जब कोई नहीं आएगा। इधर, मंत्रियों के सामने लोगों के न आने की सबसे बड़ी वजह इस कार्यक्रम से जुड़ी अनियमितता को माना जा रहा है। मंत्रियों के कार्यालय में बैठने का रोस्टर बुरी तरह चरमरा गया है।
अब किस दिन कौन मंत्री बैठेंगे, इसको लेकर असमंजस है। अब सारी स्थिति मंत्री की उपलब्धता पर केंद्रित हो गई है। इसलिए जनता तक पूरी सूचना पहुंच भी नहीं पा रही है। हालांकि सीएम के ओएसडी ऊर्बादत्त भट्ट का कहना है कि मंत्रियों के नियमित तौर पर भाजपा कार्यालय में बैठने की व्यवस्था जल्द ही सुनिश्चित हो जाएगी। चुनाव ड्यूटी की वजह से कार्यक्रम प्रभावित हुआ है।