हरिद्वार: शंकराचार्य ने बदला 10 लोगों का धर्म
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शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद द्वारा हरिद्वार स्थित अपने आश्रम में 10 लोगों का धर्म बदलवाया।
शक्रवार सुबह करीब सात बजे शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने अपने आश्रम में थाईलैंड के 10 बौद्ध लोगों को हिंदू धर्म ग्रहण कराया। इन लोगों का कहना है उनकी बौद्ध फेडरेशन में तीन हजार लोग हैं।
सभी लोग जल्द हिंदू धर्म ग्रहण करेंगे। इस दौरान ज्योर्तिपीठ और शारदा पीठाद्वीश्वर शंकराचार्य स्वरूपानंद ने कहा कि हिंदू धर्म में लोगों की आस्था है। उपयुक्त पात्र मिलने पर वह किसी एक पीठ का शंकराचार्य का पद छोड़ सकते हैं।
धर्म परिवर्तन करने वाले सभी लोगों का हिंदू नामकरण किया गया। इस दौरान सात पुरुष व तीन महिलाओं ने धर्म परिवर्तन किया। धर्म परिवर्तन के दौरान सारे संस्कार शंकराचार्य मठ के पुरोहित ने कराए।
'राम जन्मभूमि को बाबरी मस्जिद बताना गलत'
इससे पहले गुरुवार को जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि देश के मुसलमानों को अब बाबर का नाम नहीं लेना चाहिए। राम जन्मभूमि को बाबरी मस्जिद बताना गलत है। उच्च न्यायालय इलाहाबाद पहले ही निर्णय दे चुका है कि जहां रामलला विराजमान हैं वह स्थान श्रीराम का जन्म स्थल है।
गुरुवार को शंकराचार्य मठ में पत्रकारों से वार्ता में स्वरूपानंद ने कहा कि बाबर के सिपहसालार मीरबाकी द्वारा अयोध्या में मस्जिद बनाने का कोई साक्ष्य नहीं मिलता। इस निर्णय पर अब सुप्रीम कोर्ट की मुहर लगना बाकी है।
दुर्भाग्य का विषय है कि मुसलमान अब भी राम जन्मभूमि को बाबरी मस्जिद कहकर पुकार रहे हैं। शंकराचार्य ने कहा कि हम मुसलमानों के विरोधी नहीं है। धर्म के आधार पर उनके साथ अन्याय भी नहीं करना चाहते।
तथ्य यह है कि मुगलों के शासन में न केवल हिंदुओं पर अत्याचार हुए अपितु उनके उपासना स्थल भी नष्ट किए गए। हालांकि आज के मुसलमानों का इस कार्य में कोई योगदान नहीं था। झगड़ा केवल इतना है कि आज के मुसलमान हिंदुओं पर किए अत्याचारों का विरोध नहीं करते।