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नशा मुक्ति केंद्र में दुष्कर्म: बंद चहारदीवारी के पीछे देहरादून में पहले भी हुई है दरिंदगी 

Sun, 08 Aug 2021 03:59 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 08 Aug 2021 03:59 PM IST
सार

चाहे वह नारी निकेतन में संवासिनी से दुष्कर्म का मामला हो या फिर बोर्डिंग स्कूल में छात्रा से दरिंदगी की घटना। इनमें दोषियों को सजा भी मिल चुकी है।

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sexuall assault in dehradun rehabilitation centre: many seaxuall assault case are found in dehradun
आराेपी विभा सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देहरादून के नशा मुक्ति केंद्र में लड़कियों के साथ हुई दरिंदगी हैवानियत की कोई पहली घटना नहीं है। चहारदीवारियों के पीछे हुई दरिंदगियों की घटना में देहरादून के कई संस्थान पहले भी बदनाम हो चुके हैं।

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चाहे वह देहरादून नारी निकेतन में संवासिनी से दुष्कर्म का मामला हो या फिर बोर्डिंग स्कूल में छात्रा से दरिंदगी की घटना। इनमें दोषियों को सजा भी मिल चुकी है। राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (एनआईईपीवीडी) में छात्र-छात्राओं के यौन शोषण के मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। 
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अक्तूबर 2015
नारी निकेतन केदारपुरम में मूक बधिर संवासिनी से दुष्कर्म का मामला सामने आया। अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर छापी और पुलिस ने भी कार्रवाई की। पड़ताल में पता चला कि संवासिनी का गर्भपात भी कराया और भ्रूण को जंगल में दफना दिया गया। इसमें मुख्य आरोपी समेत कुल नौ लोगों सितंबर 2019 में सजा सुनाई जा चुकी है। 

अगस्त 2018
दृष्टि दिव्यांगों के केंद्रीय संस्थान एनआईईपीवीडी में दृष्टि दिव्यांग छात्र-छात्राओं से दुष्कर्म का मामला सामने आया। इस मामले में संगीत शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। संस्थान में कई तरह की सुविधाएं इस घटना के बाद बढ़ाई गईं। अभी मामला कोर्ट में विचाराधीन है। 

सितंबर 2018
सहसपुर थाना क्षेत्र के एक बोर्डिंग स्कूल में नौवीं की छात्रा से दुष्कर्म की बात सामने आई। चार नाबालिगों और डायरेक्टर समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। 2020 में आरोपियों को सजा भी सुनाई गई। मुख्य आरोपी छात्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
 

प्रताड़ना के कारण भागे थे युवक 

देहरादून का यह अकेला नशा मुक्ति केंद्र नहीं है जहां पर प्रताड़ना और दुष्कर्म जैसी बातें हुई हैं। इससे पहले आठ युवक जिस नशा मुक्ति केंद्र से भागे थे, वहां भी प्रताड़ित करने की बात सामने आई है। इसी कारण आठ युवक भागकर अपने घर पहुंच गए। 

बता दें कि 10 दिन पहले क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र से ही आठ युवक एक नशा मुक्ति केंद्र से भागे थे। पुलिस ने उनकी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। एकाएक खबर आई कि सभी अपने अपने घर पहुंच गए हैं। एसओ क्लेमेंटटाउन धर्मेंद्र रौतेला ने बताया कि इन सभी ने बताया कि उन्हें वहां पर बात-बात पर प्रताड़ित किया जाता था। इस कारण वे वहां से भाग गए थे। पुलिस ने सभी के बयान दर्ज किए हैं।

एसओ ने बताया कि इस नशा मुक्ति केंद्र का संचालक पहले खुद नशा करता था। वह कुछ दिनों तक नशा मुक्ति केंद्र में रहा और फिर नशा छोड़ दिया। इसके बाद उसने भी अपना केंद्र शुरू कर लिया था। उसकी एक समिति है जिसके उसने पंजीकरण के दस्तावेज दिखाए थे। इसके अलावा अन्य कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया। जल्द ही पुलिस की ओर से प्रशासन को एक रिपोर्ट भेजी जाएगी। ताकि, इसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। 

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