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Dehradun News: जमीन संबंधी धोखाधड़ी के तीन मामलों में सात लोगों पर मुकदमा
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जमीन संबंधी जालसाजी और धोखाधड़ी के तीन मामलों में सात लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। ये मुकदमे शहर कोतवाली, पटेलनगर और प्रेमनगर थाने में दर्ज हैं। पुलिस ने तीनों मामलों में जांच शुरू कर दी है।
मामला एक:
संपत्ति हड़पने पर तीन लोगों पर केस
शहर कोतवाली को शिमला बाईपास रोड निवासी गुलशन बेगम ने शिकायत की है। गुलशन बेगम गांधी रोड की संपत्ति में देवरानी अमीना बेगम के साथ सह मालिक हैं। वर्ष 1998 में आर्थिक तंगी के कारण वह देहरादून से बाहर चली गईं। वर्ष 2022 में वापस किराए के मकान में रहने लगीं। अप्रैल 2024 में उन्हें नगर निगम से एक नोटिस मिला जिसमें इस संपत्ति का मालिकाना हक बदलने की जिक्र था। पता लगा कि गांधी रोड निवासी नसीर अहमद ने संपत्ति को अपने नाम कराने का आवेदन किया है। आरोप है कि वर्ष 2004 में उनकी संपत्ति का मालिकाना हक फर्जीवाड़े से रिहाना परवीन पत्नी नसीर अहमद के नाम किया गया। रिहाना की मौत के नसीर अहमद ने यह आवेदन किया था। नगर निगम से प्राप्त दस्तावेज के आधार पर पीड़िता को पता चला कि तीन जनवरी 2003 को बनाए गए एक फर्जी अनुबंध के माध्यम से यह जालसाजी की गई है। गुलशन बेगम ने आरोप लगाया कि जमीर अहमद, सगीर अहमद और नसीर अहमद ने मिलकर फर्जी रजिस्ट्री गत आठ अप्रैल 2004 कराई है। नगर निगम के रिकॉर्ड में हेराफेरी कर संपत्ति को अपने नाम दर्ज करा लिया। शहर कोतवाल चंद्रभान सिंह अधिकरी ने बताया कि नसीर अहमद, जमीर अहमद और सगीर अहमद के खिलाफ फर्जीवाड़े से संपत्ति हड़पने का मुकदमा दर्ज किया है।
मामला दो:
प्रॉपर्टी डीलर समेत दो पर मुकदमा
बंजारावाला में एक व्यक्ति की जमीन पर कब्जा कर बेचने के आरोप में प्रॉपर्टी डीलर समेत दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएचओ पटेलनगर हरिओम राज चौहान ने बताया कि मामले में कोटद्वार के शिवराजपुर के रहने वाले शैलेश ध्यानी ने वर्ष 2010 में बंजारावाला माफी में एक जमीन खरीदी थी। जमीन की रजिस्ट्री अजबपुर की रहने वाली शीला डंगवाल ने की थी। इसके बाद शैलेश ने जमीन पर चहारदीवारी कर कब्जा ले लिया। मगर, वह नियमित देखभाल करने नहीं आ सके। जनवरी 2024 में अपने प्लाट पर गए। उन्होंने देखा कि प्लाट पर मनीष बिष्ट ने जमीन अपनी होने का बोर्ड लगाया हुआ था। पीड़ित का आरोप है कि शीला डंगवाल और बंजारवाला के प्रॉपर्टी डीलर दिनेश सिंह रावतने मिलकर उनकी जमीन को कब्जा कर बेच डाला। मामले की शिकायत एसआईटी देहरादून से की गई। एसआईटी ने इस मामले में जांच की और दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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जमीन का सौदा कर हड़पे 16.54 लाख रुपये, दो पर केस
अजबपुर के कुंजापुरी के रहने वाले सुनील सिंह बिष्ट ने पुलिस को बताया कि वह मई 2023 में अपने परिवार के साथ दिल्ली से देहरादून शिफ्ट हुए थे। उन्हें उत्तरकाशी के रहने वाले केदार सिंह रावत देवर्षि एन्क्लेव निवासी मशरुफ ने मांडुवाला में एक प्लॉट दिखाया था। यह जमीन मशरुफ की बताई गई, जिसका अनुबंध भी उन्हें दिखाया गया। सौदा होने पर वर्ष 2023 चेक के माध्यम से साढ़े चार लाख रुपये और साढ़े पांच लाख रुपये नकद दे दिए गए। आरोपियों ने अलग-अलग समय पर कुल 16.54 लाख रुपये ले लिए। प्लॉट की रजिस्ट्री 29 नवंबर 2023 तक होनी थी। तय तिथि तक आरोपियों ने रजिस्ट्री नहीं कराई। इसके बाद भी लंबे समय तक टालते रहे। इस बीच पीड़ित को पता लगा कि केदार सिंह रावत एक अन्य प्लाट बेचने की डील कर शिखा शर्मा नाम की महिला को ठग चुका है। एसओ प्रेमनगर मोहन सिंह ने बताया कि मामले में केदार सिंह रावत और मशरूफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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मामला एक:
संपत्ति हड़पने पर तीन लोगों पर केस
शहर कोतवाली को शिमला बाईपास रोड निवासी गुलशन बेगम ने शिकायत की है। गुलशन बेगम गांधी रोड की संपत्ति में देवरानी अमीना बेगम के साथ सह मालिक हैं। वर्ष 1998 में आर्थिक तंगी के कारण वह देहरादून से बाहर चली गईं। वर्ष 2022 में वापस किराए के मकान में रहने लगीं। अप्रैल 2024 में उन्हें नगर निगम से एक नोटिस मिला जिसमें इस संपत्ति का मालिकाना हक बदलने की जिक्र था। पता लगा कि गांधी रोड निवासी नसीर अहमद ने संपत्ति को अपने नाम कराने का आवेदन किया है। आरोप है कि वर्ष 2004 में उनकी संपत्ति का मालिकाना हक फर्जीवाड़े से रिहाना परवीन पत्नी नसीर अहमद के नाम किया गया। रिहाना की मौत के नसीर अहमद ने यह आवेदन किया था। नगर निगम से प्राप्त दस्तावेज के आधार पर पीड़िता को पता चला कि तीन जनवरी 2003 को बनाए गए एक फर्जी अनुबंध के माध्यम से यह जालसाजी की गई है। गुलशन बेगम ने आरोप लगाया कि जमीर अहमद, सगीर अहमद और नसीर अहमद ने मिलकर फर्जी रजिस्ट्री गत आठ अप्रैल 2004 कराई है। नगर निगम के रिकॉर्ड में हेराफेरी कर संपत्ति को अपने नाम दर्ज करा लिया। शहर कोतवाल चंद्रभान सिंह अधिकरी ने बताया कि नसीर अहमद, जमीर अहमद और सगीर अहमद के खिलाफ फर्जीवाड़े से संपत्ति हड़पने का मुकदमा दर्ज किया है।
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मामला दो:
प्रॉपर्टी डीलर समेत दो पर मुकदमा
बंजारावाला में एक व्यक्ति की जमीन पर कब्जा कर बेचने के आरोप में प्रॉपर्टी डीलर समेत दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएचओ पटेलनगर हरिओम राज चौहान ने बताया कि मामले में कोटद्वार के शिवराजपुर के रहने वाले शैलेश ध्यानी ने वर्ष 2010 में बंजारावाला माफी में एक जमीन खरीदी थी। जमीन की रजिस्ट्री अजबपुर की रहने वाली शीला डंगवाल ने की थी। इसके बाद शैलेश ने जमीन पर चहारदीवारी कर कब्जा ले लिया। मगर, वह नियमित देखभाल करने नहीं आ सके। जनवरी 2024 में अपने प्लाट पर गए। उन्होंने देखा कि प्लाट पर मनीष बिष्ट ने जमीन अपनी होने का बोर्ड लगाया हुआ था। पीड़ित का आरोप है कि शीला डंगवाल और बंजारवाला के प्रॉपर्टी डीलर दिनेश सिंह रावतने मिलकर उनकी जमीन को कब्जा कर बेच डाला। मामले की शिकायत एसआईटी देहरादून से की गई। एसआईटी ने इस मामले में जांच की और दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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जमीन का सौदा कर हड़पे 16.54 लाख रुपये, दो पर केस
अजबपुर के कुंजापुरी के रहने वाले सुनील सिंह बिष्ट ने पुलिस को बताया कि वह मई 2023 में अपने परिवार के साथ दिल्ली से देहरादून शिफ्ट हुए थे। उन्हें उत्तरकाशी के रहने वाले केदार सिंह रावत देवर्षि एन्क्लेव निवासी मशरुफ ने मांडुवाला में एक प्लॉट दिखाया था। यह जमीन मशरुफ की बताई गई, जिसका अनुबंध भी उन्हें दिखाया गया। सौदा होने पर वर्ष 2023 चेक के माध्यम से साढ़े चार लाख रुपये और साढ़े पांच लाख रुपये नकद दे दिए गए। आरोपियों ने अलग-अलग समय पर कुल 16.54 लाख रुपये ले लिए। प्लॉट की रजिस्ट्री 29 नवंबर 2023 तक होनी थी। तय तिथि तक आरोपियों ने रजिस्ट्री नहीं कराई। इसके बाद भी लंबे समय तक टालते रहे। इस बीच पीड़ित को पता लगा कि केदार सिंह रावत एक अन्य प्लाट बेचने की डील कर शिखा शर्मा नाम की महिला को ठग चुका है। एसओ प्रेमनगर मोहन सिंह ने बताया कि मामले में केदार सिंह रावत और मशरूफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।