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मद्महेश्वर मंदिर: शीतकाल के लिए बंद हुए द्वितीय केदार के कपाट, रात्रि प्रवास के लिए गौंडार गांव पहुंचेगी डोली
Wed, 20 Nov 2024 01:45 PM IST
रेनू सकलानी
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
Published by: रेनू सकलानी
Updated Wed, 20 Nov 2024 01:45 PM IST
सार
द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट बंद होने के ढाई सौ से अधिक श्रद्धालु साक्षी बने।
कपाट बंद होने के बाद सुबह ही भगवान मद्महेश्वर जी की उत्सव डोली ने देव निशानों के साथ प्रथम पड़ाव गौंडार के लिए प्रस्थान किया।
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मद्महेश्वर मंदिर के कपाट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
पंच केदार में द्वितीय मद्महेश्वर मंदिर के कपाट आज बुधवार को शुभ लग्न पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। बाबा मद्महेश्वर की डोली ने शीतकालीन गद्दीस्थल पंचकेदार ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया। 25 नवंबर को डोली शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान हो जाएगी।
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बाबा मद्महेश्वर की डोली के अपने मंदिर से शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर आगमन पर स्वयं केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग मंगोलचारी पहुंचकर डोली की अगवानी करते हैं। इस वर्ष 22 मई से शुरू हुई द्वितीय केदार की यात्रा में अभी तक 20 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
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कपाट बंद होने के साथ ही डोली अपने पहले रात्रि प्रवास गौंडार गांव पहुंचेगी। अगले दिन रांसी फिर गिरीया गांव में रात्रि प्रवास करेगी। 25 को डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान होगी।