{"_id":"ec6540dca21bdf2edb4e406c780e6fd4","slug":"second-day-of-strike-bank-employees","type":"story","status":"publish","title_hn":"हड़तालः नकदी को भटके, करोड़ों के लेन-देन अटके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हड़तालः नकदी को भटके, करोड़ों के लेन-देन अटके
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 12 Feb 2014 10:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैंकों की हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को क्लियरिंग हाउस न लगने से जहां 12 सौ करोड़ की क्लियरिंग प्रभावित हुई, वहीं गैर आउट सोर्स एटीएम ने लोगों की दिक्कत बढ़ा दी। बुधवार को यह दो दिवसीय हड़ताल खत्म हो जाएगी।
विज्ञापन
‘सॉरी’ किया ग्राहकों का स्वागत
धर्मपुर, पटेलनगर, चकराता रोड समेत कई स्थानों पर एटीएम न चलने से लोग नकदी के लिए भटकते रहे। रविवार की छुट्टी और सोमवार की हड़ताल ने एटीएम का दम फुला दिया। आउट सोर्सिंग के एटीएम ने ही लोगों को राहत दी, बाकी जगह ‘सॉरी’ की इबारत ने ग्राहकों का स्वागत किया।
विज्ञापन
पढ़ें, पैसा बहाने से क्या 'जिंदा' हो जाएंगी नदियां?
विज्ञापन
ये वह एटीएम थे, जो बैंकों के जरिए भरे जाने थे, लेकिन हड़ताल की वजह से नहीं भरे जा सके। ज्यादातर बैंकों के एटीएम की मशीन कैश विदड्राल की कमांड देने पर महज रसीद उगलती रही। डिस्पेंसर मशीन से बाहर नहीं आया।
इसके चलते लोगों को एक बैंक के एटीएम से दूसरे बैंक के एटीएम के चक्कर काटने पड़े। उधर, विभिन्न बैंकों की 1700 शाखाओं में काम-काज रहने से प्रदेश भर में ढाई सौ करोड़ के नकद लेन-देन पर पानी फिरा।
पढ़ें, कोख में नन्ही जान, फिर क्यों मां ने किया ऐसा?
अकेले दून में दो दिन में ढाई सौ करोड़ रुपए की क्लियरिंग प्रभावित हुई है। ड्राफ्ट, बिल न बन पाने, चेक फंस जाने से किसी तरह का कोई लेन-देन न होने से लोग मुश्किल में रहे।
कई संगठन समर्थन में, वित्त मंत्री के बयान का विरोध
हड़ताल में सार्वजनिक बैंकों के साथ ही निजी बैंकों मसलन एचडीएफसी, आईसीआईसीआई भी कूर्मांचल, अरबन कोआपरेटिव बैंक, अल्मोड़ा को-आपरेटिव बैंक, नैनीताल बैंक ने भी हिस्सा लिया।
पढ़ें, काम निपटा ले भाई, सीएम बदल गए हैं
उत्तराखंड ग्रामीण बैंक भी पहले ही हड़ताल के समर्थन की घोषणा कर चुका था। इसकी प्रदेश भर की 25 शाखाओं में से छह को छोड़कर अन्य सभी में काम ठप रहा। एलआईसी, जीआईसी समेत बीएमएस, सीटू जैसे संगठनों ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है।
बैंक कर्मियों ने वित्त मंत्री पी चिदंबरम के उस बयान का भी विरोध किया है, जिसमें उन्होंने लाभ का इस्तेमाल वेतन के अलावा अन्य कार्यों के लिए भी किए जाने का जिक्र किया है।
बैंक कर्मचारियों का प्रदर्शन, रैली भी निकाली
बैंक कर्मचारियों ने वेतन बढ़ोत्तरी की मांग के संबंध में पंजाब नेशनल बैंक की एस्लेहाल शाखा के समक्ष प्रदर्शन किया।
पढ़ें, गैंग रेपः हरिद्वार में एक और किशोरी बनी 'दामिनी'
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस से जुडे़ हरिओम नारंग के अनुसार एआईबीए की हाल ही में हुई बैठक में वेतन बढ़ोत्तरी का प्रतिशत 10 करने का सुझाव दिया गया था, जो कर्मचारियों को मंजूर नहीं है।
प्रदर्शन करने वालों में यूएफबीयू के उत्तराखंड संयोजक जगमोहन मेहंदीरत्ता, सुरेश उपाध्याय, एके जैन, समदर्शी बड़थ्वाल, वीके चौहान, जीएल शाह, पीआर कुकरेती आदि उपस्थित रहे। बैंक कर्मियों ने यहां से घंटाघर तक रैली भी निकाली।