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Dehradun News: आत्मनिर्भर भारत के लिए विज्ञान से होगी समृद्धि
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-सीएसआईआर-आईआईपी में 11वें भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। सीएसआईआर-आईआईपी के निदेशक ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए विज्ञान से समृद्धि आ सकती है। संस्थान में 11वें भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में वैज्ञानिकों ने राष्ट्र के विकास में विज्ञान की भूमिका पर प्रकाश डाला।
शुक्रवार को कार्यक्रम में निदेशक डॉ. एचएस बिष्ट ने आईआईएसएफ 2025 के विषय आत्मनिर्भर भारत के लिए विज्ञान से समृद्धि पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. वीके गहलोत ने आईआईएसएफ कार्यक्रमों के महत्व और राष्ट्रीय विकास में विज्ञान की भूमिका को रेखांकित किया। विशिष्ट अतिथि प्रो. केडी पुरोहित ने भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव 2025 के विभिन्न विज्ञान प्रचार-प्रसार योजनाओं के पहलुओं और प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी दी। छात्रों को इन सभी में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर वैज्ञानिक अनुसंधान के उभरते क्षेत्रों की जानकारी देने के लिए केंद्रीय विद्यालय के छात्रों के लिए विशेष सत्र का आयोजन भी किया गया। जिज्ञासा कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों ने विशिष्ट प्रयोगशालाओं का दौरा किया। वैज्ञानिकों से चर्चा भी की। संचालन मुख्य वैज्ञानिक डॉ. हेमन्त मधुकर कुलकर्णी ने किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। सीएसआईआर-आईआईपी के निदेशक ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए विज्ञान से समृद्धि आ सकती है। संस्थान में 11वें भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में वैज्ञानिकों ने राष्ट्र के विकास में विज्ञान की भूमिका पर प्रकाश डाला।
शुक्रवार को कार्यक्रम में निदेशक डॉ. एचएस बिष्ट ने आईआईएसएफ 2025 के विषय आत्मनिर्भर भारत के लिए विज्ञान से समृद्धि पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. वीके गहलोत ने आईआईएसएफ कार्यक्रमों के महत्व और राष्ट्रीय विकास में विज्ञान की भूमिका को रेखांकित किया। विशिष्ट अतिथि प्रो. केडी पुरोहित ने भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव 2025 के विभिन्न विज्ञान प्रचार-प्रसार योजनाओं के पहलुओं और प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी दी। छात्रों को इन सभी में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर वैज्ञानिक अनुसंधान के उभरते क्षेत्रों की जानकारी देने के लिए केंद्रीय विद्यालय के छात्रों के लिए विशेष सत्र का आयोजन भी किया गया। जिज्ञासा कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों ने विशिष्ट प्रयोगशालाओं का दौरा किया। वैज्ञानिकों से चर्चा भी की। संचालन मुख्य वैज्ञानिक डॉ. हेमन्त मधुकर कुलकर्णी ने किया।
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