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मेम साहबों की साड़ी के लिए साहब कर गए घोटाला
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 20 Feb 2016 09:33 AM IST
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सरकार ने आशा कार्यकत्रियों के लिए साड़ी खरीदने को जो रकम दी उसमें अधिकारियों ने बड़ा गोलमाल किया है। आशा कार्यकत्रियों के लिए साड़िया तो खरीदी गई लेकिन सस्ती और बेहद खराब क्वालिटी की।
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अधिकारियों ने बजट का लाभ उठाते हुए अपनी मेम साहबों के लिए महंगी साड़ियां खरीद डाली। अधिकारियों ने इससे अपनी मेम साहबों को तो खुश कर दिया है लेकिन यह गोलमाल सामने आने से उनकी गर्दन पर तलवार लटक गई है।
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हालांकि तीन दिन पहले मामला सामने आने के बावजूद सरकार की तरफ से अभी तक जांच के निर्देश नहीं हो सके हैं। बताया जा रहा है कि घोटाले में कई बड़े अधिकारियों की गर्दन फंस सकती है। स्वास्थ्य विभाग में करीब 12000 आशा कार्यकत्रियों के लिए साड़ियों की खरीद में बड़े स्तर पर घोटाला किया गया है।
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एक हजार में से हर साड़ी से पांच सौ का घोटाला
योजना के तहत सभी कार्यकत्रियों को नीले रंग की एक साड़ी और एक छाता दिया जाना था। इसके लिए 1000 रुपये प्रति आशा की दर से रकम जारी की गई, लेकिन खरीद से जुड़े अधिकारियों ने बेहद कम कीमत की घटिया गुणवत्ता वाली साड़ियां खरीद ली। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने प्रत्येक आशा की सामग्री में से करीब 500 रुपये का घोटाला किया है।
यही नहीं, अधिकारियों ने साड़ियों के साथ ही नकद धनराशि का घोटाला भी किया है। साड़ियों की आपूर्ति करने वाली फर्म ने भी अधिकारियों को महंगी साड़ियां दी। आश्चर्य की बात यह है कि सरकार पूरे मामले में लापरवाह बनी हुई है। स्वास्थ्य महानिदेशक डा. कुसुम नरियाल का कहना है हमें अभी सरकार या शासन की ओर से मामले की जांच के संबंध में कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। आदेश प्राप्त होने पर मामले की जांच की जाएगी।
यही नहीं, अधिकारियों ने साड़ियों के साथ ही नकद धनराशि का घोटाला भी किया है। साड़ियों की आपूर्ति करने वाली फर्म ने भी अधिकारियों को महंगी साड़ियां दी। आश्चर्य की बात यह है कि सरकार पूरे मामले में लापरवाह बनी हुई है। स्वास्थ्य महानिदेशक डा. कुसुम नरियाल का कहना है हमें अभी सरकार या शासन की ओर से मामले की जांच के संबंध में कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। आदेश प्राप्त होने पर मामले की जांच की जाएगी।