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मैराथन बैठक के बाद माने महाराज, निपटा विवाद        

Mon, 14 Aug 2017 03:26 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार Updated Mon, 14 Aug 2017 03:26 PM IST
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satpal maharaj and haridwar mayor dispute solved
satpal maharaj

हरिद्वार प्रेमनगर आश्रम की दीवार तोड़ने के हाईप्रोफाइल प्रकरण का पटाक्षेप करीब साढे़ तीन घंटे तक चली मैराथन बैठक के बाद हो गया। तय हुआ कि पूरे प्रकरण की जांच अनुशासन समिति के अध्यक्ष ज्ञान सिंह नेगी और महामंत्री प्रकाश हरबौला को सौंप दी गई है।

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वे पंद्रह दिन के अंदर जांच रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को सौंपेंगे। जिसके आधार पर मेयर मनोज गर्ग के बारे में पार्टी निर्णय लेने पर विचार करेगी। बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और सतपाल महराज ने प्रेमनगर आश्रम के मुख्यद्वार के बाहर आमरण अनशन पर बैठे संस्था के सेवकों को जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया। प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने मैराथन बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि पूरा विवाद एक दुर्घटना है, ऐसा नहीं होना चाहिए था।
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किन स्थितियों में ऐसा हुआ, इसकी जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि व्यक्ति कितना ही बड़ा क्यों न हो उस पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक गुरु सतपाल महाराज का कद बहुत बड़ा है, उनकी छवि धूमिल नहीं हुई है, यदि संत समाज इस प्रकरण से आहत है तो वे व्यक्तिगत तौर पर भी उनसे माफी मांगते है। मेयर मनोज गर्ग के स्वास्थ्य को लेकर चल रही चर्चाओं पर अजय भट्ट ने कहा कि ये बात भी अनुशासन समिति की जांच रिपेार्ट में साफ हो जाएगी।
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प्रदेश अध्यक्ष के साथ मौजूद कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने साफ किया कि उनकी संस्था ने कोई कब्जा नहीं किया है, उन्हें भूमि सिंचाई विभाग ने आवंटित की है। पूर्व सीएम हरीश रावत इस संबंध में जांच करा चुके हैं, यदि मेयर उनकी संस्था से संपर्क करते तो वे खुद ही दीवार भी तोड़ने से पीछे न हटते। पूरे प्रकरण पर उनकी राय को लेकर जब पूछा तो एक श्लोक में पूरे विवाद पर विराम लगाते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व ने जो अनुशासन समिति को जांच सौंपी है वे इससे संतुष्ट है। उन्होंने कहा कि पार्टी के व्यक्ति को सोच समझ कर कार्य करना चाहिए था।  प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ने आमरण अनशन पर बैठे कार्यकर्ताओं का जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।

 
देर रात ही आश्रम के गेट के बाहर फेंका गया कूड़ा भी नगर निगम के कर्मचारियों ने उठा लिया। बैठक से पहले आश्रम पहुंचे अजय भट्ट ने तोड़ी गई दीवार को भी देखा अनशन स्थल पर जाकर अनशनकारियों से भी मिले। अनशनकारियों ने मेयर मनोज गर्ग के खिलाफ नारेबाजी कर उनके निष्कासन की मांग की थी। बैठक में सासंद रमेश पोखरियाल निशंक तथा चार विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, संजय गुप्ता आदेश चौहान और सुरेश राठौर और जिला प्रभारी अनिल गोयल भी शामिल हुए। काबीना मंत्री मदन कौशिक बैठक में शामिल नहीं थे, जबकि खानपुर के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन बैठक खतम होने के बाद प्रेम नगर आश्रम पहुंचे। बताया गया कि देहरादून में भी इस बारे में पार्टी के नेताओं की सुबह बैठक हुई थी।

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