फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   RTI Act Uttarakhand Public Sector Bodies Must Disclose Key Information Online Under RTI Act read All Updates

उत्तराखंड: प्रदेश के चार हजार सार्वजनिक उपक्रमों  की जानकारी होगी सार्वजनिक, 17 बिंदुओं पर देना होगा ब्योरा

Fri, 04 Sep 2026 07:28 AM IST
Renu Saklani अमित शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमित शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Fri, 04 Sep 2026 07:28 AM IST
सार

पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में उत्तराखंड में सार्वजनिक संस्थाओं के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। अब लोगों को संस्थाओं से जुड़ी अहम जानकारियां एक ही जगह आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।

विज्ञापन
RTI Act Uttarakhand Public Sector Bodies Must Disclose Key Information Online Under RTI Act read All Updates
मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड के करीब चार हजार सार्वजनिक उपक्रमों और संस्थाओं को अब अपनी प्रमुख जानकारियां जनता के सामने सार्वजनिक करनी होंगी। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सभी संबंधित संस्थाओं को 17 बिंदुओं में अपना मैनुअल तैयार कर वेबसाइट और बोर्ड नोटिस के माध्यम से उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। इसमें संस्था के गठन का उद्देश्य, कर्मचारियों की संख्या और उनके मासिक वेतन समेत जरूरी सूचनाएं शामिल होंगी।

विज्ञापन

सार्वजनिक उपक्रमों की परिभाषा के दायरे में आने वाली इन संस्थाओं को स्वयं के स्तर पर मैनुअल जारी करना होगा। सर्वोच्च न्यायालय के एक निर्णय में इसे लागू कराने की जिम्मेदारी सूचना आयोग की बताई गई है। कार्मिक मंत्रालय भी इस संबंध में पूर्व में दिशा-निर्देश जारी कर चुका है।

विज्ञापन

15 फरवरी 2027 तक देनी होगी ऑडिट रिपोर्ट

मैनुअल की व्यवस्था की जांच के लिए राज्य की दो निजी संस्थाओं को ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई है। ये संस्थाएं सभी सार्वजनिक उपक्रमों का निरीक्षण कर मैनुअल की हार्ड या सॉफ्ट कॉपी समेत ऑडिट रिपोर्ट 15 फरवरी 2027 तक उत्तराखंड सूचना आयोग के समक्ष पेश करेंगी। ऑडिट में खरा न उतरने वाली संस्थाओं के शीर्ष अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है। आयोग ऐसे मामलों में उच्च संस्थाओं को रिपोर्ट भी भेज सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन


हर साल अपडेट करनी होगी जानकारी

17 बिंदुओं के मैनुअल में स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों की संख्या, उन्हें मिलने वाले मासिक वेतन और संस्था किस सेवा के लिए स्थापित की गई है, इसकी जानकारी देनी होगी। यह जानकारी बोर्ड नोटिस के माध्यम से भी सार्वजनिक करनी होगी। सार्वजनिक उपक्रमों के लिए मैनुअल की सूचनाओं को हर साल अपडेट करना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य विभागीय कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है।

ये भी पढ़ें...देहरादून: एमडीडीए कॉलोनी में वारदात; घर में घुसकर कारोबारी की पत्नी की हत्या, हाथ से गायब मिला सोने का कंगन

कई बार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को न समझते हुए जनता के कार्यों में टालमटोल करते हैं। इससे जनता और राज्य दोनों का नुकसान होता है। मैनुअल सार्वजनिक होने से विभाग की कार्यक्षमता और जिम्मेदारियों को लेकर पारदर्शिता आएगी और लोगों के कामकाज में तेजी आएगी। - राधा रतूड़ी, मुख्य सूचना आयुक्त

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed